शिमला से मुंबई तक प्रतिभा रांटा का सफर, परिवार के विरोध के बीच ऐसे बनीं एक्ट्रेस

लापता लेडीज से पहचान बनाने वाली प्रतिभा रांटा ने एक्टिंग का सपना पूरा करने के लिए शिमला से मुंबई तक का सफर तय किया। अब रेवॉल्यूशनरीज में उनका नया अंदाज देखने को मिलेगा।

शिमला से शुरू हुआ बड़ा सपना

प्रतिभा रांटा ने परिवार के कड़े विरोध के बावजूद एक्ट्रेस बनने का फैसला किया। उनके परिवार से पहले कोई दिल्ली से आगे तक नहीं आया था।

मुंबई आना था सबसे बड़ी आजादी

प्रतिभा के लिए मुंबई आना उनके जीवन का सबसे बड़ा फ्रीडम था। कॉलेज की पढ़ाई के साथ उन्होंने ऑडिशन देना शुरू किया और पहला शो कुर्बान हासिल किया।

ऑडिशन से मिली लापता लेडीज

प्रतिभा को लापता लेडीज में भी ऑडिशन के जरिए मौका मिला। फिल्म में उनके काम को खूब सराहना मिली और उनकी पहचान देश-विदेश तक पहुंची।

दादी बनीं बेस्ट फ्रेंड

प्रतिभा बताती हैं कि शुरुआत में परिवार उनके एक्टिंग करियर के पक्ष में नहीं था। समय के साथ परिवार ने उनका साथ दिया और आज उनकी दादी उनकी बेस्ट फ्रेंड हैं।

लड़कियों को मिले अपने फैसलों की आजादी

प्रतिभा के मुताबिक असली एम्पावरमेंट तब होगा जब लड़कियां जो करना चाहें, वो कर पाएं। उनका मानना है कि आज भी कई लड़कियों को आगे बढ़ने के लिए सपोर्ट की जरूरत है।

इतिहास से जुड़ा है नया किरदार

रेवॉल्यूशनरीज में प्रतिभा 1857 के राष्ट्रीय आंदोलन से जुड़े किरदार में नजर आएंगी। शिमला की ब्रिटिश दौर की विरासत और आजादी की लड़ाई के इतिहास ने भी उन्हें इस भूमिका को समझने में मदद की।

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