एक ओर अरिजीत सिंह की बोरियत की चर्चा, दूसरी ओर सोनू निगम के प्रयोग। जानिए क्यों रियाज और वैरायिटी से बनते हैं सदाबहार गाने।
फिल्मी गायन से विराम की बात ने अरिजीत सिंह को चर्चा में ला दिया और संगीत की विरासत पर सवाल खड़े कर दिए।
मो. रफी, लता मंगेशकर और आशा भोसले जैसे दिग्गजों ने हर दौर में आवाज और अंदाज में प्रयोग किया।
किशोर कुमार ने अपने पूरे करियर में हर तरह के गानों को अपनाया और विविधता को अपनी पहचान बनाया।
सोनू निगम ने आलोचनाओं के बावजूद नए प्रयोग किए और बार बार खुद को नए अंदाज में साबित किया।
जहां सोनू निगम विविधता और रेंज के लिए जाने जाते हैं, वहीं अरिजीत सिंह जेन जी के पसंदीदा गायक बनकर उभरे।
लगातार रियाज, प्रयोग और नई प्रतिभाओं को मौका देना ही सदाबहार गीत संगीत की असली कुंजी है।