आज शाहिद कपूर की जर्नी ने साबित कर दिया कि मेहनत और टैलेंट से हर मंज़िल हासिल की जा सकती है। जानें उनका संघर्ष और सफलता की कहानी।
शाहिद का बचपन आसान नहीं था। माता-पिता के तलाक के बाद उन्होंने माँ के साथ किराए के घर में रहकर संघर्ष भरी ज़िंदगी बिताई।
पढ़ाई के साथ-साथ शाहिद ने डांस और एक्टिंग को अपनाया। श्यामक डावर से प्रोफेशनल डांस ट्रेनिंग ने उनके करियर की दिशा बदल दी।
शाहिद ने 'दिल तो पागल है' और 'ताल' में बैकग्राउंड डांसर के रूप में काम किया। शुरुआती संघर्ष ने उन्हें मजबूत बनाया।
कई ऑडिशन और रिजेक्शन के बाद शाहिद को 'इश्क विश्क' मिला, जिसने उन्हें बॉलीवुड में पहचान दिलाई।
लगातार फ्लॉप फिल्मों के बाद शाहिद का करियर डगमगाया, लेकिन 'विवाह' और 'जब वी मेट' ने उन्हें नई ऊँचाई दी।
'हैदर', 'उड़ता पंजाब' और 'कबीर सिंह' जैसी फिल्मों ने शाहिद को वर्सेटाइल स्टार बनाया। अब वे 'ओ रोमियो' में धमाल मचा रहे हैं।