ईशा कोप्पिकर ने बॉलीवुड में उम्र के आधार पर होने वाले भेदभाव पर खुलकर अपनी बात रखी। जानिए उन्होंने महिलाओं के सम्मान को लेकर क्या खास संदेश दिया।
ईशा कोप्पिकर ने कहा कि पुरुषों की बढ़ती उम्र को अनुभव माना जाता है, जबकि महिलाओं की उम्र को अक्सर समस्या की तरह देखा जाता है।
उन्होंने कहा कि फिल्मों में बड़े उम्र के हीरो आसानी से कम उम्र की अभिनेत्रियों के साथ नजर आते हैं, लेकिन महिलाओं के साथ ऐसा नजरिया नहीं अपनाया जाता।
ईशा के मुताबिक समय के साथ महिला कमजोर नहीं होती, बल्कि उसका आत्मविश्वास, समझ और व्यक्तित्व पहले से ज्यादा निखरता है।
उन्होंने कहा कि चेहरे की झुर्रियां सिर्फ उम्र नहीं बतातीं, बल्कि संघर्ष, सीख और जीवन के सफर की कहानी भी कहती हैं।
ईशा ने लोगों से अपील की कि महिलाओं को उनकी उम्र से नहीं, बल्कि उनकी ताकत, अनुभव और उपलब्धियों से पहचानें।
ईशा का संदेश है कि असली खूबसूरती उम्र से नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, गरिमा और जीवन जीने के अंदाज से पहचानी जाती है।