भारत के इन प्राचीन पर्वतीय मंदिरों तक पहुंचने के लिए कठिन पैदल यात्रा करनी पड़ती है। हर मंदिर आस्था, धैर्य और आध्यात्मिक अनुभव की अनोखी मिसाल है।
उत्तराखंड के हिमालय में स्थित केदारनाथ मंदिर तक केवल पैदल, घोड़े या हेलीकॉप्टर से पहुंचा जा सकता है। कठिन चढ़ाई के बाद मिलने वाला आध्यात्मिक अनुभव बेहद खास माना जाता है।
त्रिकूट पर्वत पर स्थित माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए श्रद्धालु लंबी पैदल यात्रा करते हैं। हर कदम श्रद्धा और विश्वास की पहचान बन जाता है।
दुनिया का सबसे ऊंचा शिव मंदिर तुंगनाथ बादलों के बीच स्थित है। यहां की कठिन चढ़ाई भक्तों को प्रकृति और अध्यात्म दोनों के करीब ले जाती है।
हिमालय की गोद में बसे मध्यमहेश्वर मंदिर तक पहुंचने के लिए लंबा ट्रैक करना पड़ता है। यहां का शांत वातावरण मन को गहरी आध्यात्मिक शांति देता है।
सरस्वती नदी के उद्गम क्षेत्र के पास स्थित आदि बद्री मंदिर अपनी ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान के लिए प्रसिद्ध है। यहां तक पहुंचने के लिए पैदल यात्रा करनी होती है।
इन पांचों मंदिरों तक पहुंचना आसान नहीं है, लेकिन हर कदम श्रद्धा और विश्वास को और मजबूत बनाता है। यही कठिन यात्रा इन पवित्र धामों को सबसे खास बनाती है।