मणिपुर की लोकतक झील में बसा केबुल लामजाओ नेशनल पार्क अपनी अनोखी बनावट के लिए दुनियाभर में मशहूर है। जानिए क्यों इसे फ्लोटिंग नेशनल पार्क कहा जाता है।
मणिपुर का केबुल लामजाओ नेशनल पार्क जमीन पर नहीं, बल्कि लोकतक झील में तैरती संरचनाओं पर बसा है। यही इसकी सबसे बड़ी खासियत है।
करीब 40 वर्ग किलोमीटर में फैला यह नेशनल पार्क लोकतक झील का हिस्सा है। इसकी खूबसूरती और अनोखी भौगोलिक बनावट पर्यटकों को आकर्षित करती है।
झील में फुमड़ी नाम की तैरती संरचनाएं पाई जाती हैं। घास, मिट्टी और जैविक पदार्थों से बनी ये संरचनाएं झील की तली से जुड़ी नहीं होतीं।
फुमड़ी समय के साथ द्वीप जैसी मजबूत संरचना बना लेती हैं। इन्हीं तैरते हुए हिस्सों पर केबुल लामजाओ नेशनल पार्क मौजूद है।
केबुल लामजाओ नेशनल पार्क संगाई हिरणों का प्राकृतिक आवास है। 1977 में इसे नेशनल पार्क का दर्जा दिया गया था।
पार्क में हॉग डियर, ऑटर, वॉटर फाउल और कई प्रवासी पक्षी देखे जा सकते हैं। सर्दियों में साइबेरिया समेत कई क्षेत्रों से पक्षी यहां पहुंचते हैं।