हरियाणा की नई IVF पॉलिसी: बेटी के बाद दूसरी संतान के लिए अब चाहिए सरकार की मंजूरी

लिंग अनुपात सुधारने के लिए हरियाणा सरकार ने IVF के लिए नए नियम लागू किए, जानें क्या हैं जरूरी शर्तें और आपकी जिम्मेदारियां।

हरियाणा में IVF पर नया नियम

अगर आपके पहले बच्चे की लिंग लड़की है और आप दूसरी संतान IVF से चाहते हैं, तो अब आपको सरकार से अनुमति लेनी होगी।

क्यों बना यह नियम?

लिंग चयन और गिरते लिंग अनुपात को रोकने के लिए हरियाणा सरकार ने IVF प्रक्रिया पर कड़ी पाबंदियां लगाई हैं।

आवेदन प्रक्रिया क्या है?

जिला उपयुक्त प्राधिकरण को आवेदन देना होगा, जिसमें पहले बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र और मेडिकल जानकारी देना अनिवार्य है।

बिना अनुमति IVF पर लगेगी रोक

सरकारी अनुमति के बिना IVF कराने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी, ताकि भ्रूण लिंग चयन को रोका जा सके।

IVF क्लीनिक की जिम्मेदारी

सभी IVF केंद्रों को इलाज और भ्रूण चयन की रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को देना जरूरी होगा।

लक्ष्य: बेहतर लिंग अनुपात

इस नई पॉलिसी से हरियाणा में लिंग अनुपात में सुधार और बेटी बचाओ अभियान को मजबूती मिलेगी।

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