गूगल और मेटा पर शिकंजा! सट्टेबाज़ी ऐप केस में ED का बड़ा एक्शन

भारत में गूगल और मेटा को ED ने दोबारा समन भेजा है. आरोप है कि इन प्लेटफॉर्म्स पर अवैध सट्टेबाज़ी ऐप्स का प्रमोशन किया गया, जिससे करोड़ों लोग बर्बादी की कगार पर पहुंच गए.

गूगल-मेटा को ED का समन

28 जुलाई को पेश होने का आदेश, पहले दस्तावेजों की कमी बताकर टली थी सुनवाई.

सट्टेबाज़ी ऐप्स का चल रहा था प्रमोशन

फर्जी ब्रांड्स और सट्टा ऐप्स के विज्ञापन गूगल और मेटा पर चल रहे थे, जिससे करोड़ों युवा हुए शिकार.

22 करोड़ भारतीय इन ऐप्स से जुड़े

11 करोड़ लोग रोज़ करते हैं इस्तेमाल, पहला क्वार्टर में 1.6 अरब विज़िट्स दर्ज.

बड़ा टैक्स नुकसान भी सामने आया

भारत में सट्टेबाज़ी ऐप्स से हर साल 27,000 करोड़ रुपये का टैक्स बचाया जा रहा है.

मानसिक रोग और आत्महत्या का बन रहा कारण

WHO भी सट्टेबाज़ी को मानसिक विकार मानता है, सिर्फ तेलंगाना में 1,023 आत्महत्याएं दर्ज.

डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ेगी सख्ती

अब गूगल और मेटा को लेने होगी ज़िम्मेदारी, नहीं तो हो सकती है सख्त कार्रवाई.

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