रात को टाइम से सोने और 8 घंटे की नींद के बाद भी थकान और सुस्ती महसूस होती है? इसकी वजह सिर्फ नींद की कमी नहीं, बल्कि नींद की गुणवत्ता में छिपी हो सकती है।
हर दिन अलग समय पर सोना और जागना शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक को बिगाड़ देता है, जिससे नींद की गुणवत्ता पर असर पड़ता है।
सोने से पहले फोन या लैपटॉप देखना मेलाटोनिन को कम करता है, जिससे नींद तो आती है पर दिमाग रिलैक्स नहीं होता।
तनाव भरा दिमाग गहरी नींद में नहीं जा पाता, जिससे सुबह उठने पर भी थकान और बेचैनी बनी रहती है।
अगर आपको खर्राटे या नींद में सांस रुकने की दिक्कत है, तो आपकी नींद अधूरी रह जाती है और फ्रेशनेस महसूस नहीं होती।
विटामिन D, B12 या आयरन जैसे पोषक तत्वों की कमी से नींद पूरी होने के बाद भी कमजोरी और सुस्ती महसूस हो सकती है।
नींद का टाइम और माहौल सही रखना, स्ट्रेस कम करना और हेल्दी डाइट लेना अच्छी नींद के लिए बेहद जरूरी है।