5 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा पर मनाई जाएगी गुरु नानक जयंती। देशभर के गुरुद्वारों में कीर्तन, सेवा और लंगर का आयोजन होगा।
यह सिख धर्म का सबसे बड़ा पर्व है। श्रद्धालु गुरुद्वारों में भक्ति और सेवा का अनुभव करते हैं।
यहाँ अखंड पाठ, शोभा यात्रा और कीर्तन दरबार आयोजित होते हैं। परिसर फूलों और रोशनी से सजता है।
गुरु बाणी के अखंड पाठ और लंगर के लिए प्रसिद्ध। श्रद्धालु सेवा और भक्ति में भाग लेते हैं।
गुरु पर्व पर यहां पवित्र ग्रंथों का पाठ और धार्मिक अनुष्ठान होते हैं। भक्त आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त करते हैं।
इतिहासिक स्थल जहां गुरु ग्रंथ साहिब का पाठ पूरा हुआ। कीर्तन, सेवा और लंगर का आयोजन होता है।
धार्मिक आस्था और सेवा भाव का संदेश देता है। समाज में समानता और सहयोग की भावना मजबूत होती है।