श्री कृष्ण केवल योद्धा और दार्शनिक नहीं थे, बल्कि पिता भी थे। जानें उनके प्रमुख पुत्र और पुत्रियों की कहानी।
श्री कृष्ण की 16,108 पत्नियों और असंख्य संतानें थीं। मुख्य रूप से उनके 99 पुत्रों और कई पुत्रियों का उल्लेख पौराणिक ग्रंथों में मिलता है।
रुक्मिणी से जन्मे प्रद्युम्न को कामदेव का आंशिक अवतार माना जाता है। वे यदुवंश के प्रमुख योद्धा और द्वारका के रक्षक थे।
जाम्बवती से जन्मे पुत्र सांबा अपने अहंकार और कर्मों के कारण प्रसिद्ध हुए। उन्हें ऋषियों का मजाक करने पर श्राप भी मिला।
रुक्मिणी से चारु देश्ना और भानु जैसे पुत्रों ने वीरता, निडरता और कुल की शान बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
गदा द्वारका के रक्षक माने जाते हैं। कृष्ण के वंशजों ने उनके निधन के बाद यादव वंश और महाभारत काल में धर्म और शक्ति बनाए रखी।
कृष्ण की पुत्रियों का विवाह राजपरिवारों में हुआ। उनके वंश और संतानें आज भी दिव्य विस्तार और यदुवंश की कहानी दर्शाती हैं।