इथियोपिया की वो ताकत, जिसे यूरोपीय भी नहीं बना पाए गुलाम, जहां पहुंचे पीएम मोदी

अफ्रीका का सबसे पुराना स्वाधीन देश इथियोपिया, जहां यूरोपीय ताकतें भी नाकाम रहीं। पीएम मोदी के दौरे के साथ फिर चर्चा में आया इसका गौरवशाली इतिहास।

पीएम मोदी का इथियोपिया दौरा

जॉर्डन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर इथियोपिया पहुंचे, जहां द्विपक्षीय सहयोग पर अहम बातचीत होगी।

अफ्रीका का सबसे पुराना आजाद देश

13.6 करोड़ आबादी वाला इथियोपिया वह देश है, जिसे यूरोपीय शक्तियां गुलाम नहीं बना सकीं और जिसने अपनी आजादी बचाए रखी।

मेनेलिक द्वितीय का मजबूत नेतृत्व

1889 से 1913 तक शासन करने वाले सम्राट मेनेलिक द्वितीय ने सेना को आधुनिक बनाया और विदेशी ताकतों को चुनौती दी।

एडवा की ऐतिहासिक जीत

1896 में एडवा की लड़ाई में इटली की हार ने इथियोपिया को वैश्विक पहचान दी और उसकी स्वतंत्रता को मजबूत किया।

प्रकृति बनी सुरक्षा कवच

पहाड़ी और बीहड़ भौगोलिक स्थिति के कारण विदेशी सेनाओं के लिए इथियोपिया पर कब्जा करना बेहद मुश्किल रहा।

आज का इथियोपिया

इथियोपिया आज अफ्रीकी यूनियन का मेजबान है, कॉफी निर्यात में अग्रणी है और महाद्वीप की सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजना पर काम कर रहा है।

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