ईरानी चाय में दूध क्यों नहीं डालते, और जाफरान टी का खास अंदाज

ईरान में पारंपरिक चाय हमेशा ब्लैक होती है, जबकि खास मौकों पर जाफरान और फ्लावर टी पी जाती है।

ईरानी चाय का अनोखा तरीका

ईरान में लोग पारंपरिक रूप से दूध नहीं मिलाते और ब्लैक टी की प्योर फ्लेवर्स का आनंद लेते हैं।

दूध से बदलता टेस्ट

उनका मानना है कि दूध डालने से चाय का असली टेस्ट, रंग और खुशबू बदल जाता है।

चाय के साथ मीठा परंपरा

चाय के साथ खजूर और मिठाई खाने की वजह से वहां दूध वाली चाय कम पसंद की जाती है।

ट्रेडिशनल ब्लैक टी

रोजमर्रा में ईरानी लोग सिंपल ब्लैक टी पीते हैं, जिसमें दालचीनी और इलायची मिलाकर स्वाद बढ़ाया जाता है।

जाफरान चाय

खास मौकों पर केसर वाली चाय बनाई जाती है, जिसमें गुलाब जल और थोड़ी सी चीनी मिलाकर परोसा जाता है।

फूलों वाली चाय

गोल गवज़बान फ्लावर टी में शहद या नींबू मिलाकर शाम के समय पीना पसंद किया जाता है।

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