हर बच्चा अपनी खुशी शब्दों में नहीं बता पाता। लेकिन उसकी रोजमर्रा की आदतें और व्यवहार यह साफ बताते हैं कि वह अंदर से खुश, सुरक्षित और मानसिक रूप से स्वस्थ है या नहीं।
अगर बच्चा रात में सुकून से सोता है और सुबह ताजगी के साथ उठता है, तो यह उसकी मानसिक खुशी का अच्छा संकेत है। अच्छी नींद बच्चे के सुरक्षित और संतुलित महसूस करने को दर्शाती है।
अगर बच्चा हर छोटी बड़ी चीज को लेकर सवाल पूछता है, तो यह उसकी एक्टिव सोच का संकेत है। जिज्ञासु बच्चे अक्सर तनाव से दूर और सीखने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।
जो बच्चा अपनी खुशी, गुस्सा या दुख बिना डर के माता पिता से साझा करता है, वह भावनात्मक रूप से मजबूत होता है। खुलकर बात करना भरोसे और सुरक्षित माहौल की निशानी है।
अगर बच्चा खेलते समय पूरी तरह मगन हो जाता है, तो यह उसकी अंदरूनी खुशी को दिखाता है। खेल में डूबना तनाव मुक्त और संतुलित मन का संकेत माना जाता है।
बिना किसी वजह के गले लगाना या अपनी पसंदीदा चीज शेयर करना बच्चे के स्नेह और खुशी का संकेत है। यह बताता है कि वह अपने परिवार के साथ भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ है।
अच्छी नींद, जिज्ञासा, खुली भावनाएं, खेल में खुशी और प्यार जताने की आदत मिलकर बताते हैं कि बच्चा अंदर से खुश है। इन संकेतों पर ध्यान देकर आप उसके मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं।