SEBI का बड़ा फैसला: अब एसोसिएशन ऑफ पर्सन्स भी रख सकेंगे डीमैट अकाउंट में सिक्योरिटीज

SEBI का बड़ा फैसला: अब एसोसिएशन ऑफ पर्सन्स भी रख सकेंगे डीमैट अकाउंट में सिक्योरिटीज
अंतिम अपडेट: 3 घंटा पहले

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने एसोसिएशन ऑफ पर्सन्स (AOP) को बड़ी राहत देते हुए डीमैट अकाउंट में सिक्योरिटीज रखने की अनुमति दे दी है। यह फैसला पूंजी बाजार में अधिक भागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिया गया है। SEBI के इस निर्णय से AOP से जुड़े निवेशकों को डिजिटल रूप में शेयर, बॉन्ड और अन्य सिक्योरिटीज रखने की सुविधा मिलेगी, जिससे निवेश प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक हो जाएगी। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, इस कदम से संस्थागत निवेशकों को भी बड़ा फायदा होगा और बाजार में तरलता (liquidity) में सुधार आएगा।

SEBI मार्केट रेगुलेटर 

SEBI ने मंगलवार को एसोसिएशन ऑफ पर्सन्स (AOP) को अपने नाम से डीमैट अकाउंट खोलने की अनुमति दे दी है, जिससे वे म्यूचुअल फंड यूनिट्स, कॉर्पोरेट बॉन्ड्स और सरकारी सिक्योरिटीज अपने खाते में रख सकेंगे। हालांकि, इक्विटी शेयर इसमें शामिल नहीं होंगे।

SEBI का यह नया नियम 2 जून से लागू होगा, जिसका उद्देश्य AOP के लिए निवेश प्रक्रिया को सरल बनाना है। बता दें कि AOP उन व्यक्तियों का समूह होता है जो एक समान उद्देश्य के लिए साथ काम करते हैं, जैसे कोई बिजनेस या प्रोजेक्ट। इस फैसले से AOP को संस्थागत निवेश के अवसर मिलेंगे और उनकी मार्केट भागीदारी आसान होगी।

SEBI ने AOP को डीमैट अकाउंट खोलने की दी अनुमति

सेबी ने एक सर्कुलर में कहा कि संबंधित सभी कानूनों की जांच और हितधारकों से चर्चा करने के बाद बिजनेस को आसान बनाने के उद्देश्य से एसोसिएशन ऑफ पर्सन्स (AOP) को अपने नाम से डीमैट अकाउंट खोलने की अनुमति देने का फैसला लिया गया है। इसके तहत, म्यूचुअल फंड, कॉरपोरेट बॉन्ड और सरकारी सिक्योरिटीज की यूनिट्स डीमैट अकाउंट में रखी जा सकेंगी।

हालांकि, सेबी ने यह भी स्पष्ट किया कि इस डीमैट अकाउंट का उपयोग इक्विटी शेयरों को सब्सक्राइब करने या रखने के लिए नहीं किया जा सकेगा। इस फैसले का उद्देश्य AOP को निवेश प्रक्रिया में अधिक सुविधा देना और उनके बिजनेस को बढ़ावा देना है।

विवाद की स्थिति में इनसे मांगी जाएगी जवाबदेही

एओपी को अपने कॉन्स्टिट्यूशन के नियमों का पालन करना होगा। सेबी ने स्पष्ट किया कि एओपी और उसके प्रिंसिपल ऑफिसर (जैसे सेक्रेटरी या ट्रेजरर) के पैन डिटेल्स आवश्यक होंगे। किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति में प्रिंसिपल ऑफिसर से जवाबदेही मांगी जाएगी, हालांकि इसके लिए एओपी के सभी सदस्य जिम्मेदार होंगे।

इसके अलावा, सेबी ने इंडस्ट्री स्टैंडर्ड फोरम (ISF) के मेंबर एसोसिएशंस और स्टॉक एक्सचेंजों को निर्देश दिया है कि वे अपनी वेबसाइटों पर एलओडीआर (सूचीबद्धता दायित्व और प्रकटीकरण आवश्यकताएं) रेगुलेशंस से संबंधित उद्योग मानकों को प्रकाशित करें।

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