2026 में लागू होगा 8वां वेतन आयोग, पीएम की निजी सचिव की कितनी बढ़ेगी सैलरी

2026 में लागू होगा 8वां वेतन आयोग, पीएम की निजी सचिव की कितनी बढ़ेगी सैलरी

पीएम मोदी की निजी सचिव निधि तिवारी की मौजूदा सैलरी लगभग 2.5 लाख रुपये है। 8वें वेतन आयोग के बाद उनकी सैलरी में 25-30% तक वृद्धि हो सकती है, जो जनवरी 2026 में लागू हो सकती है।

Nidhi Tiwari: प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में निजी सचिव (Personal Secretary - PS) का पद बहुत महत्वपूर्ण होता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की निजी सचिव निधि तिवारी इस पद पर काम कर रही हैं। उनके काम की जिम्मेदारी और पद की भूमिका के कारण यह जानना जरूरी होता है कि उन्हें कितनी सैलरी मिलती है और आगामी 8वें वेतन आयोग के बाद इस सैलरी में कितना इजाफा हो सकता है।

पीएम की निजी सचिव निधि तिवारी कौन हैं?

निधि तिवारी एक IAS अधिकारी हैं, जो 2001 बैच की उत्तर प्रदेश कैडर की अफसर हैं। वे पीएम मोदी की निजी सचिव के रूप में कार्यरत हैं। यह पद ग्रुप-ए सेवाओं में आता है और आमतौर पर IAS या अन्य सिविल सेवाओं के वरिष्ठ अधिकारी इसे संभालते हैं। इस पद पर पहुंचने के लिए काबिलियत, अनुभव और सिस्टम की गहराई से समझ होना बेहद जरूरी होता है।

पीएमओ में निजी सचिव की वर्तमान सैलरी

7वें वेतन आयोग के अनुसार, एक निजी सचिव को बेसिक पे लगभग 1,44,200 रुपये मिलते हैं। इसके साथ महंगाई भत्ता (DA), गृह भत्ता (HRA) और अन्य भत्ते जोड़ने पर उनकी कुल मासिक सैलरी 2,10,000 से 2,50,000 रुपये के बीच होती है। निधि तिवारी जैसी वरिष्ठ अफसर को टॉप स्केल पे मिलती है। इसके अलावा पीएमओ में काम करने के कारण उन्हें सरकारी आवास, स्टाफ, सरकारी गाड़ी जैसी अतिरिक्त सुविधाएं भी दी जाती हैं।

8वें वेतन आयोग के बाद सैलरी में संभावित बढ़ोतरी

8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट अभी तक आधिकारिक रूप से लागू नहीं हुई है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इसमें कर्मचारियों के वेतन में 25 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है। अगर यह वृद्धि लागू होती है, तो निधि तिवारी की सैलरी 2 लाख 60 हजार से 3 लाख 30 हजार रुपये तक पहुंच सकती है। हालांकि, यह बढ़ोतरी जनवरी 2026 तक लागू हो सकती है, सरकार की ओर से आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है।

पीएमओ के इस अहम पद की जिम्मेदारियां

निधि तिवारी जैसे निजी सचिव का काम प्रधानमंत्री के दैनंदिन कार्यों को व्यवस्थित करना, महत्वपूर्ण मीटिंग्स और दस्तावेजों का प्रबंधन करना, तथा विभिन्न विभागों और अधिकारियों के बीच समन्वय करना होता है। इस पद पर काम करने के लिए एक अधिकारी को प्रशासनिक क्षमता के साथ-साथ राजनीतिक समझ भी होनी चाहिए।

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