370 बिरयानी विवाद पर प्रणीत मोरे ने मांगी माफी, बोले- ‘मैं आलोचना का हकदार हूं, लेकिन मुझे सुधार का एक मौका दें

कॉमेडियन प्रणीत मोरे ने ₹370 बिरयानी विवाद पर माफी मांगते हुए कहा कि वे नफरत के हकदार हैं। दूसरा मौका देने और भविष्य में बेहतर कंटेंट बनाने की अपील की।

₹370 बिरयानी विवाद के बाद कॉमेडियन प्रणीत मोरे ने सार्वजनिक माफी मांगी है। उन्होंने स्वीकार किया कि शो के दौरान आपत्तिजनक टिप्पणी को रोकना चाहिए था। प्रणीत ने लोगों से दूसरा मौका देने की अपील करते हुए कहा कि इस घटना से उन्हें सीख मिली है।

मुंबई: सोशल मीडिया पर चर्चित हुए ‘₹370 बिरयानी विवाद’ को लेकर स्टैंड-अप कॉमेडियन और रियलिटी टीवी पर्सनैलिटी प्रणीत मोरे ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। विवादित वीडियो वायरल होने के बाद लगातार आलोचना का सामना कर रहे मोरे ने कहा कि उन्होंने स्थिति को सही तरीके से नहीं संभाला और इसके लिए वे पूरी जिम्मेदारी स्वीकार करते हैं।

प्रणीत मोरे ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि वह लंबे समय से इस मुद्दे पर अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन उनका सोशल मीडिया अकाउंट अस्थायी रूप से निलंबित होने के कारण ऐसा नहीं कर पाए। उन्होंने स्वीकार किया कि जिस घटना ने विवाद को जन्म दिया, उसमें उन्हें तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए था, लेकिन वह ऐसा करने में असफल रहे।

यह विवाद एक स्टैंड-अप कॉमेडी शो के दौरान सामने आया था, जब दर्शकों में मौजूद एक व्यक्ति ने महिलाओं को लेकर विवादास्पद टिप्पणी की थी। वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर व्यापक आलोचना हुई और कई लोगों ने इसे महिलाओं के प्रति अपमानजनक मानसिकता को बढ़ावा देने वाला बताया।

क्या है पूरा मामला?

विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब एक लाइव कॉमेडी शो के दौरान दर्शकों में मौजूद हिमांशु जांगड़ा नामक व्यक्ति ने एक महिला के साथ अपने कथित अनुभव को साझा किया। बातचीत के दौरान उसने दावा किया कि उसने एक महिला को लगभग ₹370 की चिकन बिरयानी खिलाई थी और बाद में उससे कुछ व्यक्तिगत अपेक्षाएं रखी थीं।

इस टिप्पणी को सोशल मीडिया पर महिला विरोधी और अपमानजनक माना गया। वीडियो क्लिप तेजी से वायरल हुई और लोगों ने न केवल टिप्पणी करने वाले व्यक्ति की आलोचना की, बल्कि कार्यक्रम के होस्ट प्रणीत मोरे पर भी सवाल उठाए कि उन्होंने उस समय ऐसी बातों का विरोध क्यों नहीं किया।

कई सोशल मीडिया यूजर्स का कहना था कि मंच पर मौजूद व्यक्ति के रूप में मोरे की जिम्मेदारी थी कि वह आपत्तिजनक टिप्पणी को तुरंत रोकते या उसका विरोध करते।

प्रणीत मोरे ने स्वीकार की अपनी गलती

अपने वीडियो संदेश में प्रणीत मोरे ने कहा कि वह इस पूरे मामले पर आत्ममंथन कर चुके हैं और उन्हें महसूस हुआ कि उस समय उन्हें अधिक जिम्मेदार व्यवहार करना चाहिए था।

उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान माहौल ऐसा था जिसमें लोग हंस रहे थे और बातचीत आगे बढ़ती गई। लेकिन बाद में उन्हें एहसास हुआ कि कुछ टिप्पणियां अनुचित थीं और उन्हें उसी समय रोक देना चाहिए था।

प्रणीत ने कहा, “मैं यह स्वीकार करता हूं कि मैं बेहतर निर्णय ले सकता था। अगर मैंने उसी समय हस्तक्षेप किया होता, तो शायद यह स्थिति पैदा नहीं होती। जिन लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं, उनसे मैं ईमानदारी से माफी मांगता हूं।”

उन्होंने यह भी कहा कि लोगों का गुस्सा और आलोचना उन्हें समझ में आती है और वह इससे सीख लेने की कोशिश कर रहे हैं।

‘मैं आलोचना का हकदार हूं’

माफी मांगते हुए प्रणीत मोरे ने कहा कि वह जानते हैं कि लोगों ने उन्हें लेकर नाराजगी व्यक्त की है और कई लोगों ने उनकी कड़ी आलोचना की है।

उन्होंने कहा कि वह इस आलोचना को स्वीकार करते हैं क्योंकि एक सार्वजनिक मंच पर मौजूद व्यक्ति के तौर पर उनकी जिम्मेदारी अधिक थी।

“मैं समझता हूं कि लोग मुझसे नाराज हैं। मैं यह भी मानता हूं कि मैंने कुछ गलतियां की हैं। यदि लोग मेरी आलोचना कर रहे हैं तो उसका एक कारण है। लेकिन मैं उम्मीद करता हूं कि लोग मुझे सुधार का अवसर भी देंगे,” उन्होंने कहा।

उनके इस बयान को सोशल मीडिया पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं मिली हैं। कुछ लोगों ने उनकी माफी को सकारात्मक कदम बताया, जबकि कुछ का कहना है कि केवल माफी पर्याप्त नहीं है और सार्वजनिक व्यक्तित्वों को अपने मंच का उपयोग अधिक जिम्मेदारी से करना चाहिए।

कानूनी प्रक्रिया में सहयोग का दावा

प्रणीत मोरे ने बताया कि इस मामले से जुड़ी किसी भी जांच या कानूनी प्रक्रिया में वह पूरी तरह सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि संबंधित अधिकारी या एजेंसियां उनसे कोई जानकारी चाहती हैं, तो वह उसे उपलब्ध कराने के लिए तैयार हैं।

साथ ही उन्होंने कहा कि यह अनुभव उनके लिए एक महत्वपूर्ण सीख साबित हुआ है और भविष्य में उनके कंटेंट और प्रस्तुति शैली में भी इसका प्रभाव दिखाई देगा।

हिमांशु जांगड़ा ने भी मांगी माफी

विवाद के केंद्र में रहे हिमांशु जांगड़ा ने भी सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। उन्होंने स्वीकार किया कि शो के दौरान कही गई उनकी कुछ बातें अनुचित थीं और उन्हें उन शब्दों के इस्तेमाल पर पछतावा है।

हिमांशु ने कहा कि जिस कहानी का उन्होंने मंच पर जिक्र किया था, उसके कुछ हिस्सों को मनोरंजन के उद्देश्य से बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी मंशा किसी महिला का अपमान करने की नहीं थी।

अपने बयान में उन्होंने कहा कि वे महिलाओं के प्रति सम्मानजनक दृष्टिकोण रखते हैं और अपने पेशेवर जीवन में हमेशा महिला सहकर्मियों के साथ सकारात्मक संबंध बनाए हैं।

नौकरी पर भी पड़ा असर

विवाद के बाद हिमांशु जांगड़ा की पेशेवर जिंदगी पर भी असर पड़ा। रिपोर्ट्स के अनुसार, जिस निजी कंपनी में वह कार्यरत थे, वहां से उन्हें हटाया गया।

कंपनी ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह अपने कार्यस्थल पर सम्मानजनक और समावेशी वातावरण बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

इसके बाद कंपनी के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो भी साझा किया गया, जिसमें हिमांशु ने अपने बयान पर खेद व्यक्त किया।

सोशल मीडिया पर जारी बहस

यह मामला केवल एक वायरल वीडियो तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने ऑनलाइन मंचों पर महिलाओं के प्रति व्यवहार, कॉमेडी की सीमाओं और सार्वजनिक मंचों की जिम्मेदारी जैसे मुद्दों पर व्यापक बहस छेड़ दी।

कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और डिजिटल क्रिएटर्स ने कहा कि हास्य और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता महत्वपूर्ण हैं, लेकिन इसके साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है। उनका मानना है कि किसी भी प्रकार का मनोरंजन महिलाओं या किसी अन्य समुदाय के प्रति अपमानजनक सोच को सामान्य बनाने का माध्यम नहीं बनना चाहिए। दूसरी ओर, कुछ लोगों ने तर्क दिया कि सार्वजनिक आलोचना के साथ-साथ सुधार और सीखने के अवसर भी दिए जाने चाहिए।

विवाद से मिली बड़ी सीख

विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना डिजिटल युग में सार्वजनिक व्यक्तित्वों की बढ़ती जवाबदेही को दर्शाती है। सोशल मीडिया के दौर में किसी भी बयान या प्रतिक्रिया का प्रभाव व्यापक हो सकता है और लोगों की प्रतिक्रिया भी तुरंत सामने आती है।

प्रणीत मोरे और हिमांशु जांगड़ा दोनों की माफी इस बात का संकेत है कि विवाद ने उन्हें अपनी भूमिका और जिम्मेदारियों पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर किया है।

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