8th Central Pay Commission: शिक्षकों और कर्मचारियों की बड़ी मांग, न्यूनतम वेतन ₹50,000 तक बढ़ाने का दिया प्रस्ताव

Central Pay Commission से जुड़ी चर्चाएं तेज हो गई हैं। शिक्षकों और सरकारी कर्मचारियों ने न्यूनतम वेतन ₹50,000 तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। इस मांग से लाखों

8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) को लेकर सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों के संगठनों ने अपनी प्रमुख मांगें सरकार के सामने रख दी हैं। इन प्रस्तावों में न्यूनतम वेतन में भारी वृद्धि, भत्तों में बढ़ोतरी और पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली जैसी अहम मांगें शामिल हैं।

बिजनेस न्यूज़: 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और शिक्षकों की ओर से मांगें तेज हो गई हैं। National Council - Joint Consultative Machinery (NC-JCM) ने 14 अप्रैल को सरकार को ज्ञापन सौंपकर न्यूनतम वेतन 69,000 रुपये और फिटमेंट फैक्टर 3.833 करने की मांग रखी है। यह मांग मौजूदा वेतन ढांचे में बड़ा बदलाव ला सकती है, अगर इसे स्वीकार किया जाता है।

वहीं, Pragatishil Shikshak Nyay Manch (PSNM) जैसे शिक्षक संगठनों ने केंद्रीय शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए न्यूनतम बेसिक पे 50,000 से 60,000 रुपये के बीच तय करने का प्रस्ताव दिया है। यह संगठन केंद्र शासित प्रदेशों में कार्यरत केंद्र सरकार के शिक्षकों का प्रतिनिधित्व करता है।

न्यूनतम वेतन को लेकर बड़ी मांग

PSNM और अन्य कर्मचारी संगठनों ने सुझाव दिया है कि लेवल-1 कर्मचारियों का न्यूनतम बेसिक पे ₹50,000 से ₹60,000 के बीच निर्धारित किया जाए। इसके अलावा, नेशनल काउंसिल-ज्वॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने भी 14 अप्रैल को अपने ज्ञापन में न्यूनतम वेतन ₹69,000 और फिटमेंट फैक्टर 3.833 करने की मांग रखी है। फिलहाल कर्मचारियों का कहना है कि मौजूदा वेतन ढांचा बढ़ती महंगाई के अनुरूप नहीं है, इसलिए इसमें बड़े बदलाव की जरूरत है।

कर्मचारी संगठनों ने फिटमेंट फैक्टर को 2.62 से बढ़ाकर 3.83 के दायरे में करने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे वेतन संरचना अधिक न्यायसंगत और महंगाई के अनुरूप बन सकेगी। इसके साथ ही सालाना वेतन वृद्धि (Annual Increment) को 6% से बढ़ाकर 7% करने का प्रस्ताव दिया गया है, जिससे कुल वार्षिक वेतन वृद्धि लगभग 10% तक पहुंच सकती है।

भत्तों में संशोधन की मांग

8th Central Pay Commission: शिक्षकों और कर्मचारियों की बड़ी मांग, न्यूनतम वेतन ₹50,000 तक बढ़ाने का दिया प्रस्ताव

PSNM ने विभिन्न भत्तों में भी बढ़ोतरी की मांग की है:

  • हाउस रेंट अलाउंस (HRA): 10%, 20% और 30% से बढ़ाकर 12%, 24% और 36% करने का प्रस्ताव
  • बच्चों की शिक्षा भत्ता: ₹7,000 प्रति माह करने की मांग
  • ट्रांसपोर्ट अलाउंस: बेसिक वेतन का 12%–15% या न्यूनतम ₹9,000 करने का सुझाव

संगठनों का कहना है कि वर्तमान भत्ते शहरी जीवन-यापन की वास्तविक लागत को पूरा नहीं करते।

पदोन्नति और सेवा शर्तों में सुधार

शिक्षक संगठनों ने करियर ग्रोथ को लेकर भी महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। प्रस्ताव में कहा गया है कि:

  • 30 वर्षों की सेवा में कम से कम 5 प्रमोशन दिए जाएं
  • हर 6, 12, 18 और 24 वर्षों पर न्यूनतम सुनिश्चित पदोन्नति (Assured Promotion) दी जाए

इसका उद्देश्य कर्मचारियों को लंबे समय तक करियर स्थिरता और प्रगति देना है। कर्मचारी संगठनों ने मांग की है कि जब महंगाई भत्ता (DA) 50% तक पहुंच जाए, तो उसे मूल वेतन में शामिल किया जाए। इसके साथ ही पुरानी पेंशन योजना (OPS) को फिर से लागू करने की भी मांग की गई है, जिसे कर्मचारी लंबे समय से बहाल करने की मांग कर रहे हैं।

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