ब्रिटेन में A66 हादसे में मारे गए युवकों में से एक की याद में आयोजित कार्यक्रम के दौरान गंभीर अव्यवस्था हुई। पुलिस के अनुसार भीड़ ने पांच वाहन जला दिए और गुब्बारे, फ्लेयर व आतिशबाजी छोड़ी। सांसद ने इसे अस्वीकार्य बताया।
लंदन: ब्रिटेन के काउंटी डरहम में एक सड़क हादसे में सात लोगों की मौत के बाद आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान हुई गंभीर अव्यवस्था ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस की चिंता बढ़ा दी है। गुरुवार शाम हसवेल के पास एक निजी मैदान में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए थे। यह कार्यक्रम A66 सड़क हादसे में जान गंवाने वाले युवकों में से एक की याद में आयोजित किया गया था। पुलिस के मुताबिक, कार्यक्रम के दौरान पांच वाहनों में आग लगा दी गई और गुब्बारे, फ्लेयर तथा आतिशबाजी छोड़ी गई।
रेडकार की सांसद अन्ना टर्ली ने घटना को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लोगों को शोक मनाने और मृतकों को श्रद्धांजलि देने का पूरा अधिकार है, लेकिन ऐसा करते हुए समुदाय के अन्य लोगों की सुरक्षा को खतरे में नहीं डाला जा सकता। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान हुई गतिविधियों को लोगों की जान के लिए जोखिम भरा बताया।
निजी मैदान में जुटी बड़ी भीड़
डरहम पुलिस के अनुसार, गुरुवार शाम करीब 5:30 बजे के बाद अधिकारियों को हसवेल क्षेत्र के एक निजी मैदान में बड़ी भीड़ जमा होने की सूचना मिली। पुलिस का कहना है कि वहां मौजूद अधिकांश लोग काउंटी डरहम के बाहर से आए थे और कई वाहन भी साथ लाए गए थे।
कार्यक्रम के दौरान पांच वाहनों में आग लगा दी गई। इसके अलावा फ्लेयर और आतिशबाजी छोड़े जाने की जानकारी भी सामने आई। पुलिस ने बताया कि इस घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है और मौके से किसी की गिरफ्तारी भी नहीं की गई।
हालांकि, परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस और दमकल विभाग को सुरक्षा संबंधी गंभीर चिंताओं का सामना करना पड़ा। अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने और इलाके में किसी बड़े खतरे को रोकने के लिए निगरानी बढ़ा दी है।
दमकलकर्मियों की सुरक्षा के लिए लौटना पड़ा
काउंटी डरहम एंड डार्लिंगटन फायर एंड रेस्क्यू सर्विस की एक टीम मौके पर पहुंची थी। लेकिन घटनास्थल पर मौजूद परिस्थितियों का आकलन करने के बाद दमकलकर्मियों को वहां से वापस बुला लिया गया।
दमकल विभाग के मुताबिक, जोखिम का आकलन करने के बाद यह पाया गया कि तत्काल आसपास के लोगों के लिए कोई बड़ा खतरा नहीं था और आग के फैलने की आशंका भी सीमित थी। इसके बावजूद दमकलकर्मियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए टीम ने इलाके से हटने का फैसला किया।
पुलिस ने कहा कि इलाके में आने वाले दिनों में भी सुरक्षा अभियान जारी रहेगा। इसमें जांच के साथ-साथ वर्दीधारी पुलिसकर्मियों की गश्त भी शामिल होगी।
सांसद अन्ना टर्ली ने जताई नाराजगी
लेबर पार्टी की सांसद अन्ना टर्ली ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियों ने स्थानीय लोगों में डर और गुस्सा पैदा किया है। उनका कहना था कि शोक व्यक्त करने और श्रद्धांजलि देने की भावनाओं को समझा जा सकता है, लेकिन कानून तोड़ने वाली गतिविधियों को किसी भी परिस्थिति में सही नहीं ठहराया जा सकता।
टर्ली ने पुलिस और स्थानीय प्रशासन से उपलब्ध सभी उचित कानूनी शक्तियों का इस्तेमाल कर समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अवैध बाइक और क्वाड बाइक चलाना, आग लगाना तथा आतिशबाजी करना लोगों में भय और असुरक्षा की भावना को बढ़ाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय लोगों को अपने घरों और आसपास के इलाकों में सुरक्षित महसूस करने का अधिकार है।
पुलिस ने त्रासदी का बहाना बनाकर अराजकता फैलाने वालों की निंदा की
पुलिस के सहायक मुख्य कांस्टेबल जॉन मैकएडम ने कहा कि इस त्रासदी को किसी भी तरह की अव्यवस्था का बहाना बनाने वाले लोगों की निंदा की जानी चाहिए। पुलिस ने इस घटना और A66 हादसे के बीच संभावित संबंधों को लेकर लोगों से जल्दबाजी में निष्कर्ष नहीं निकालने की अपील की है।
इस पूरे मामले की संवेदनशीलता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि A66 दुर्घटना की जांच पहले से चल रही है और इस मामले में अब तक कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
A66 हादसे में सात लोगों की गई जान
शनिवार को मिडिल्सब्रा के पास A66 पर हुए भीषण हादसे में सात लोगों की मौत हुई थी। दुर्घटना उस समय हुई जब गलत दिशा में जा रही एक वोक्सवैगन पासाट ने पुलिस अधिकारियों के वाहन को टक्कर मार दी।
हादसे में क्लीवलैंड पुलिस के दो अधिकारी, पीसी मैथ्यू ब्लेड्स और पीसी टॉम क्लफ भी मारे गए। दोनों अधिकारियों की उम्र क्रमशः 37 और 38 वर्ष बताई गई है। इनके साथ पासाट में सवार पांच युवकों की भी जान चली गई।
हादसे के बाद मामले की जांच शुरू हुई और अब तक कुल 24 लोगों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। गिरफ्तार किए गए लोगों पर अलग-अलग आरोपों के तहत कार्रवाई की जा रही है, जिनमें हथियार रखने और संगठित अपराध समूह का हिस्सा होने जैसे आरोप शामिल हैं।
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पुलिस अधिकारियों की मौत पर पूरे क्षेत्र में शोक
मैथ्यू ब्लेड्स और टॉम क्लफ की मौत के बाद क्लीवलैंड क्षेत्र में पुलिस विभाग और स्थानीय समुदाय में गहरा शोक है। दोनों अधिकारियों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की जा रही है।
ब्रिटेन के राजा ने भी दोनों पुलिस अधिकारियों के परिवारों को पत्र भेजकर संवेदना प्रकट की है। वहीं मिडिल्सब्रा फुटबॉल क्लब ने शनिवार को वेस्ट ब्रॉमविच एल्बियन के खिलाफ होने वाले मुकाबले से पहले दोनों अधिकारियों को श्रद्धांजलि देने की घोषणा की है।
क्लीवलैंड पुलिस फेडरेशन की ओर से दोनों अधिकारियों के लिए शुरू किए गए फंडरेजर में भी बड़ी संख्या में लोगों ने योगदान दिया है। कुछ ही दिनों में इसमें 10 लाख पाउंड से अधिक की राशि जुटाई गई।
घर में आग से महिला और बच्ची की मौत
A66 हादसे की जांच के बीच मिडिल्सब्रा के पास ग्रेंगटाउन में बुधवार को हुए एक अलग घर में आग लगने के मामले ने भी चिंता बढ़ाई है। इस घटना में 34 वर्षीय नताली मैकडोनाल्ड और उनकी सात वर्षीय भांजी वैलेंटिना फोस्टर की मौत हो गई।
पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को हत्या के संदेह में गिरफ्तार किया है। हालांकि, क्लीवलैंड पुलिस ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि फिलहाल वह इस घर में लगी आग को A66 हादसे से जोड़कर नहीं देख रही है।
पुलिस ने इससे पहले कहा था कि हादसे और आग की घटना में संगठित अपराध की संभावित कड़ी से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन अधिकारियों ने लोगों से जांच पूरी होने तक अटकलों से बचने को कहा है।
अतिरिक्त 200 पुलिसकर्मी जांच में लगाए गए
A66 हादसे की जांच को आगे बढ़ाने के लिए करीब 200 अतिरिक्त पुलिस अधिकारियों को तैनात किया गया है। क्लीवलैंड पुलिस फेडरेशन की चेयर लॉरेन सोमरविले ने कहा कि हादसे के बाद का माहौल बेहद कठिन रहा है और अधिकारियों तथा स्थानीय लोगों के बीच दुख और तनाव बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को जरूरत के मुताबिक अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया जाएगा। उनके मुताबिक, दोनों अधिकारियों के बलिदान को लेकर देशभर से मिल रहा समर्थन पुलिस विभाग के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
पुलिस ने लोगों से संयम बरतने की अपील की
A66 हादसे के बाद लगातार सामने आ रही घटनाओं ने स्थानीय समुदाय में चिंता बढ़ाई है। पुलिस और प्रशासन अब यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि मृतकों के सम्मान में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से हों और किसी भी तरह की हिंसा या सार्वजनिक अव्यवस्था न हो।
अधिकारियों का कहना है कि मृतकों के प्रति सम्मान व्यक्त करना स्वाभाविक और जरूरी है, लेकिन श्रद्धांजलि के नाम पर आगजनी, खतरनाक आतिशबाजी या सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने वाली गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जा सकती। जांच एजेंसियां A66 दुर्घटना से जुड़े मामलों और गुरुवार की अव्यवस्था की अलग-अलग परिस्थितियों की जांच कर रही हैं।










