आर्थिक सहायता योजना में तेजी: दिव्यांग बालिकाओं के प्रस्ताव 25 तारीख शाला दर्पण पर आवेदन अनिवार्य

राजस्थान के सरकारी स्कूलों की दिव्यांग छात्राओं को चारूचंद्र बोस पुरस्कार योजना में 2,000-5,000 रुपये की आर्थिक मदद, आवेदन 25 नवंबर तक शाला दर्पण पर अपलोड करें।

सरकारी स्कूलों में पढ़ रही दिव्यांग बालिकाओं को अब शिक्षा जारी रखने में आर्थिक दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। बालिका फाउंडेशन ने राज्यभर में चारूचंद्र बोस आर्थिक सबलता पुरस्कार योजना लागू की है, जिसके तहत पात्र छात्राओं को कक्षा अनुसार प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

भीलवाड़ा: राजस्थान राज्य के सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत दिव्यांग बालिकाओं के लिए बालिका फाउंडेशन ने चारूचंद्र बोस आर्थिक सबलता पुरस्कार योजना शुरू की है, जिसका उद्देश्य छात्राओं को आर्थिक मजबूती प्रदान करना और उनकी शिक्षा बाधित न होने देना है। योजना के तहत कक्षा 1 से 8 तक की पात्र दिव्यांग छात्राओं को 2,000 रुपये और कक्षा 9 से 12 तक की छात्राओं को 5,000 रुपये की सहायता दी जाएगी। 

फाउंडेशन का कहना है कि राज्यभर से आने वाले योग्य मामलों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत शाला दर्पण पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। यह पहल न केवल दिव्यांग बालिकाओं को पढ़ाई जारी रखने में मदद करेगी, बल्कि उनके परिवारों पर आर्थिक बोझ भी कम करेगी। अधिकारियों का मानना है कि इस योजना से Rajasthan के ग्रामीण व शहरी दोनों क्षेत्रों में दिव्यांग छात्राओं के नामांकन और निरंतरता में सकारात्मक बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

शाला दर्पण पर अनिवार्य अपलोड

स्कूल स्तर पर चारूचंद्र बोस आर्थिक सबलता पुरस्कार योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। संस्था प्रधानों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पात्र दिव्यांग बालिकाओं की पूरी जानकारी 25 नवंबर तक शाला दर्पण पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करें। भुगतान सीधे बैंक खाते में होने के कारण छात्राओं का जन आधार प्रमाणित होना जरूरी है। इसके बाद 30 नवंबर तक संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) सभी प्रविष्टियों का सत्यापन करेंगे। सत्यापन पूर्ण होते ही पात्र बालिकाओं के खातों में सहायता राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी।

कड़े निर्देश जारी

सुवाणा के सीबीईओ रामेश्वर जीनगर ने बताया कि बालिका फाउंडेशन ने सभी स्कूलों को पात्रता जांच में पूर्ण सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर गलती या लापरवाही से योजना का लाभ गलत हाथों में जा सकता है, इसलिए सभी प्रविष्टियों का सत्यापन सावधानी से करने को कहा गया है।

जन आधार सत्यापन अनिवार्य

सीबीईओ के अनुसार, शाला दर्पण पर अपलोड की जाने वाली जानकारी में जन आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य किया गया है, ताकि सहायता राशि सीधे पात्र छात्राओं के बैंक खातों में सुरक्षित तरीके से भेजी जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्कूलों को निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी विवरण पोर्टल पर उपलब्ध कराना होगा, जिससे आगे का सत्यापन और भुगतान प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके।

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