अभिनेत्री और पर्यावरण कार्यकर्ता भूमि पेडनेकर तीन दिवसीय सिक्किम दौरे पर पहुंचीं। यह दौरा पर्यटन विभाग की पहल के तहत सतत पर्यटन, सांस्कृतिक धरोहर और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।
गंगटोक: बॉलीवुड अभिनेत्री और पर्यावरण जागरूकता से जुड़ी एक्टिविस्ट भूमि पेडनेकर बुधवार को सिक्किम पहुंचीं। वह राज्य सरकार के पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय फेमिलियराइजेशन टूर (Familiarization Tour) के तहत 10 जून से 13 जून तक राज्य में रहेंगी।
इस दौरे का उद्देश्य सिक्किम में पर्यावरण अनुकूल और जिम्मेदार पर्यटन (Responsible Tourism) को बढ़ावा देना है।
पर्यटन विभाग की विशेष पहल
सिक्किम सरकार के पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग ने इस विशेष यात्रा का आयोजन राज्य की पर्यटन क्षमता को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने के लिए किया है।
विभाग के अनुसार, इस पहल के माध्यम से राज्य की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और सतत विकास आधारित पर्यटन मॉडल को उजागर करने का प्रयास किया जा रहा है।
स्वागत और आधिकारिक उपस्थिति
गंगटोक पहुंचने पर भूमि पेडनेकर का औपचारिक स्वागत किया गया। उनका स्वागत पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग के अध्यक्ष सोनम नोरगाय लाचुंगपा (Sonam Norgay Lachungpa) ने किया।
इस अवसर पर राज्य के पर्यटन विभाग के कई अधिकारी भी उपस्थित रहे और उन्होंने अभिनेत्री का स्वागत करते हुए उन्हें राज्य की पर्यटन योजनाओं की जानकारी दी।
सस्टेनेबल टूरिज्म पर जोर
इस दौरे का मुख्य फोकस सस्टेनेबल टूरिज्म यानी पर्यावरण के अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देना है। सिक्किम पहले से ही भारत के सबसे स्वच्छ और हरित राज्यों में गिना जाता है, और यहां प्लास्टिक प्रतिबंध और पर्यावरण संरक्षण नीतियां लागू हैं।
भूमि पेडनेकर को इस दौरान राज्य की उन पहलों से अवगत कराया जाएगा जो प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करते हुए पर्यटन को बढ़ावा देती हैं।
तीन दिवसीय यात्रा का कार्यक्रम
10 जून से 13 जून तक चलने वाली इस यात्रा के दौरान भूमि पेडनेकर को सिक्किम के विभिन्न पर्यटन स्थलों, सांस्कृतिक विरासत स्थलों और प्राकृतिक आकर्षणों का भ्रमण कराया जाएगा।
इसमें हिमालयी परिदृश्य, स्थानीय गांव, पारंपरिक जीवनशैली और जैव विविधता से जुड़े क्षेत्रों का दौरा शामिल है।
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संस्कृति और विरासत से परिचय
यात्रा के दौरान अभिनेत्री को सिक्किम की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं से भी अवगत कराया जाएगा। राज्य की विविध जनजातीय संस्कृति, लोक कला, हस्तशिल्प और पारंपरिक जीवनशैली को प्रदर्शित किया जाएगा।
इसका उद्देश्य यह दिखाना है कि कैसे सिक्किम अपनी सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित रखते हुए आधुनिक पर्यटन को भी बढ़ावा दे रहा है।
पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन का संतुलन
सिक्किम सरकार लंबे समय से पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन विकास के बीच संतुलन बनाए रखने की नीति पर काम कर रही है। यह राज्य भारत का पहला पूर्ण जैविक (Organic) राज्य भी है, जो इसे वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर विशेष स्थान देता है।
भूमि पेडनेकर की यह यात्रा इसी मॉडल को और अधिक लोगों तक पहुंचाने का प्रयास मानी जा रही है।
पर्यटन को मिलेगा वैश्विक मंच
सरकारी अधिकारियों का मानना है कि किसी सार्वजनिक हस्ती की उपस्थिति से सिक्किम के पर्यटन को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक पहचान मिलेगी।
इस तरह की यात्राएं राज्य के प्राकृतिक सौंदर्य, शांति और पर्यावरण अनुकूल नीतियों को वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाने में मदद करती हैं।
जिम्मेदार यात्रा का संदेश
इस दौरे का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य “Responsible Travel” यानी जिम्मेदार पर्यटन के प्रति जागरूकता फैलाना भी है।
अधिकारियों के अनुसार, भूमि पेडनेकर जैसी सार्वजनिक हस्तियों की भागीदारी से पर्यटकों को यह संदेश मिलेगा कि यात्रा के दौरान पर्यावरण और स्थानीय संस्कृति का सम्मान करना कितना आवश्यक है।
सिक्किम की पर्यटन पहचान को बढ़ावा
सिक्किम पहले से ही अपनी बर्फीली चोटियों, हरे-भरे पहाड़ों, बौद्ध मठों और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध है। यह राज्य एडवेंचर टूरिज्म, इको-टूरिज्म और सांस्कृतिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।
इस दौरे के माध्यम से इन सभी पहलुओं को और व्यापक स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा।









