अदानी ग्रुप के प्रमुख स्टॉक्स में तेजी, अमेरिका ने भारतीय निर्यात पर टैरिफ घटाया

भारत-अमेरिका नए ट्रेड समझौते के बाद अदानी ग्रुप के शेयरों में जोरदार उछाल, अदानी पावर, पोर्ट्स और एनर्जी स्टॉक्स में निवेशकों ने बढ़ाई खरीदारी।

भारत-अमेरिका के नए ट्रेड डील के बाद अदानी ग्रुप के शेयरों में तेजी देखने को मिली। अडानी पावर, पोर्ट्स, एंटरप्राइजेज और अन्य स्टॉक्स में उछाल आया, मार्केट कैप 14 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचा।

Business: भारत और अमेरिका के बीच हुए नए ट्रेड डील की घोषणा के बाद अदानी ग्रुप के शेयरों में तेज तेजी देखने को मिली। इस घोषणा के बाद निवेशकों ने समूह के प्रमुख शेयरों की खरीदारी शुरू कर दी, जिससे बाजार में उत्साह का माहौल बन गया। बुधवार को अडानी पावर, अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ), अदानी एंटरप्राइजेज और अन्य कंपनियों के शेयरों में जोरदार तेजी दर्ज की गई।

विशेष रूप से अडानी पावर के शेयरों में 8% से अधिक की वृद्धि हुई, जबकि अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयर 4% से ऊपर गए। अदानी एंटरप्राइजेज, अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस और अडानी टोटल गैस के शेयरों में 2% से अधिक की बढ़त रही। अदानी पोर्ट्स 1.6% की तेजी के साथ अपने 52 हफ्तों के उच्च स्तर पर पहुंच गया। इस तेजी के साथ ही अदानी ग्रुप की सभी सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) बढ़कर 14 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया।

बाजार विशेषज्ञों ने जताई प्रतिक्रिया

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-अमेरिका के नए ट्रेड समझौते से अदानी ग्रुप को खासा फायदा मिलने वाला है। खासतौर पर पोर्ट्स, एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कारोबार इससे मजबूत होंगे। ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने अदानी ग्रुप को उन प्रमुख कंपनियों में शामिल किया है, जिन्हें अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर टैरिफ घटाने के फैसले से लाभ होने की उम्मीद है।

एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग ने भी अडानी पावर और अडानी पोर्ट्स एंड SEZ को ट्रेड डील के प्रमुख लाभार्थियों में शामिल किया। विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम से न केवल अदानी ग्रुप बल्कि पूरे बाजार की धारणा भी बेहतर हुई है।

अमेरिकी टैरिफ में कमी ने बढ़ाई शेयरों की मांग

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की थी कि अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड एग्रीमेंट हुआ है। इसके तहत भारतीय निर्यात पर लगने वाला टैरिफ 50% से घटाकर 18% कर दिया गया है। इस घोषणा के तुरंत बाद मंगलवार को अदानी ग्रुप के शेयरों में जबरदस्त तेजी आई थी और समूह के शेयर सामूहिक रूप से करीब 11% बढ़ गए थे।

बुधवार को यह तेजी जारी रही और अदानी ग्रुप की सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार मूल्य लगभग 14,67,370 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। निवेशकों का विश्वास बढ़ने के साथ ही अदानी ग्रुप की कंपनियों में खरीदारी बढ़ी और स्टॉक्स ने नए उच्च स्तर को छू लिया।

डिफेंस सेक्टर में रणनीतिक कदम

अदानी ग्रुप ने डिफेंस सेक्टर में अपनी मौजूदगी और मजबूती बढ़ाते हुए इटली की प्रमुख कंपनी लियोनार्डो के साथ रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है। इस साझेदारी के तहत भारत में एक एकीकृत हेलिकॉप्टर निर्माण इकोसिस्टम स्थापित किया जाएगा।

इससे पहले ही अदानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने ब्राजील की कंपनी एम्ब्रेयर के साथ भारत में क्षेत्रीय विमान निर्माण सुविधा स्थापित करने के लिए सहयोग की घोषणा की थी। अब लियोनार्डो के साथ समझौते के तहत भारतीय सशस्त्र बलों की जरूरतों के अनुसार AW169M और AW109 ट्रेकरM हेलिकॉप्टरों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

सहयोग से मिलेगी तकनीकी मजबूती

कंपनी ने बयान में कहा कि यह सहयोग चरणबद्ध स्वदेशीकरण, मज़बूत मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल (MRO) क्षमताओं और व्यापक पायलट ट्रेनिंग को सुनिश्चित करेगा। इस कदम से भारत का डिफेंस और एयरक्राफ्ट निर्माण क्षेत्र और मजबूत होगा। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का हेलिकॉप्टर बाजार 2024 में 1.58 अरब डॉलर से बढ़कर 2032 तक 2.88 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।

मार्केट कैप में बढ़त

भारत-अमेरिका ट्रेड डील ने अदानी ग्रुप के स्टॉक्स में तेजी के साथ मार्केट कैप को नए उच्च स्तर पर पहुंचाया। यह वृद्धि निवेशकों के विश्वास को दर्शाती है और भविष्य में समूह के शेयरों के प्रदर्शन पर सकारात्मक असर डाल सकती है। पोर्ट्स, एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों में कंपनी की मजबूत स्थिति इस उछाल के पीछे प्रमुख कारण मानी जा रही है।

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