उत्तर भारत की दिग्गज कंपनी रही जयप्रकाश एसोसिएट्स (JP Associates) भले ही शेयर बाजार से डीलिस्ट हो चुकी है, लेकिन कंपनी को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है।
बिजनेस न्यूज़: अदाणी ग्रुप के लिए दिवालिया हो चुकी जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (JAL) के अधिग्रहण और पुनर्गठन की प्रक्रिया में एक बड़ा कदम सामने आया है। कभी उत्तर भारत की प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन कंपनियों में शामिल रही JAL अब अपने पुराने कर्ज दायित्वों से मुक्त हो गई है। कंपनी के समाधान योजना (Resolution Plan) के सफल क्रियान्वयन के बाद CARE Ratings ने उसकी बैंक सुविधाओं और नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) से संबंधित सभी रेटिंग्स तत्काल प्रभाव से वापस ले ली हैं।
यह घटनाक्रम अदाणी ग्रुप द्वारा संकटग्रस्त संपत्तियों के पुनर्गठन की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। JAL को दिवालियापन प्रक्रिया के तहत अदाणी ग्रुप ने अधिग्रहित किया था। रिपोर्टों के अनुसार, अधिग्रहण के लिए लगभग 15,000 करोड़ रुपये की समाधान योजना तैयार की गई थी, जिसके तहत कर्जदाताओं को निर्धारित शर्तों और समयसीमा के अनुसार भुगतान किया जाना है।
सफल Resolution Plan के बाद खत्म हुए पुराने कर्ज
CARE Ratings के अनुसार, रेटिंग्स वापस लेने का प्रमुख कारण राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (NCLT) द्वारा मंजूर Resolution Plan का सफलतापूर्वक लागू होना है। कंपनी ने मंजूर योजना के अनुरूप अपनी बैंकिंग सुविधाओं और संबंधित ऋण साधनों से जुड़े बकाया दायित्वों का निपटान कर दिया है। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि संबंधित बैंक सुविधाओं और NCD के तहत अब कोई बकाया राशि नहीं बची है।
कंपनी को कर्जदाताओं और ट्रस्टियों से आवश्यक ‘नो ड्यूज सर्टिफिकेट’ भी प्राप्त हो चुके हैं। इसके अलावा, कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के रिकॉर्ड में भी संबंधित चार्ज के संतुष्ट होने की प्रक्रिया पूरी की गई है। इसका अर्थ यह है कि CARE Ratings द्वारा जिन पुराने ऋण साधनों के लिए पहले रेटिंग दी गई थी, वे अब सक्रिय बकाया दायित्व के रूप में मौजूद नहीं हैं। इसलिए एजेंसी ने इन रेटिंग्स को वापस लेने का फैसला किया है।
रेटिंग वापस लेने का क्या है मतलब?

रेटिंग्स वापस लिए जाने को सीधे तौर पर कंपनी को नई या बेहतर क्रेडिट रेटिंग मिलने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। इसका मुख्य कारण यह है कि जिन बैंक सुविधाओं और ऋण साधनों को रेटिंग दी गई थी, उनका निपटान हो चुका है और उनके तहत अब कोई राशि बकाया नहीं है। फिर भी, JAL के पुनर्गठन की प्रक्रिया के लिए यह एक महत्वपूर्ण है।
दिवालिया कंपनी के पुराने वित्तीय दायित्वों का समाधान होने से नए प्रबंधन के लिए कंपनी की परिसंपत्तियों, कारोबार और भविष्य की रणनीति पर अधिक स्पष्टता के साथ काम करने का रास्ता खुल सकता है।
कंपनी का नाम भी बदला गया
पुनर्गठन प्रक्रिया के तहत जयप्रकाश एसोसिएट्स की कॉरपोरेट पहचान में भी बदलाव किया गया है। कंपनी का नाम बदलकर अदाणी इंफ्रास्ट्रक्चर इंटीग्रेटेड सॉल्यूशंस लिमिटेड (Adani Infrastructure Integrated Solutions Limited) कर दिया गया है। जयप्रकाश एसोसिएट्स कभी जयपी ग्रुप की प्रमुख कंपनी थी। इसका कारोबार इंजीनियरिंग, निर्माण, सीमेंट, रियल एस्टेट, बिजली और बुनियादी ढांचा जैसे कई क्षेत्रों में फैला हुआ था। उत्तर भारत में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के कारण कंपनी लंबे समय तक एक प्रमुख कॉरपोरेट नाम रही।
हालांकि, बढ़ते कर्ज और वित्तीय दबाव के बाद कंपनी को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ा और अंततः वह दिवालियापन समाधान प्रक्रिया में पहुंच गई। बाद में अदाणी ग्रुप के अधिग्रहण प्रस्ताव के जरिए इसके पुनर्गठन का रास्ता तैयार हुआ।











