ओमान में पोस्टमार्टम से परिवार का इनकार, अंतिम दर्शन के लिए आदित्य की देह भारत लाने की मांग

ओमान तट पर हमले में मारे गए हिमाचल के नाविक आदित्य शर्मा के परिवार ने पोस्टमार्टम से इनकार किया है और पार्थिव देह को जल्द भारत लाने की मांग की है।

ओमान तट पर मिसाइल हमले में जान गंवाने वाले हिमाचल के नाविक आदित्य शर्मा का पार्थिव शरीर बरामद कर लिया गया है। परिवार ने ओमान में पोस्टमार्टम कराने से इनकार करते हुए पार्थिव देह को जल्द भारत लाने की मांग की है, ताकि अंतिम संस्कार स्वदेश में किया जा सके।

ओमान: ओमान तट पर मिसाइल हमले में मारे गए हिमाचल प्रदेश के युवा नाविक आदित्य शर्मा के परिवार को पार्थिव शरीर मिलने की सूचना तो मिली है, लेकिन अंतिम दर्शन का इंतजार अभी भी जारी है। ओमान प्रशासन की ओर से पोस्टमार्टम के लिए सहमति मांगे जाने पर परिवार ने वहां प्रक्रिया कराने से इनकार कर दिया है और पार्थिव देह को जल्द भारत लाने की मांग की है।

समुद्र से बाहर निकाली गई आदित्य की पार्थिव देह

ओमान तट पर हुए हमले में जान गंवाने वाले हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के निवासी आदित्य शर्मा का पार्थिव शरीर समुद्र में खड़े जहाज से बाहर निकाल लिया गया है। इस खबर के बाद परिवार को कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन स्वदेश वापसी की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है।

परिजनों को उम्मीद है कि सभी आवश्यक औपचारिकताएं जल्द पूरी होंगी और आदित्य की पार्थिव देह भारत पहुंच सकेगी। परिवार कई दिनों से इस पल का इंतजार कर रहा है।

परिवार ने पोस्टमार्टम कराने से किया इनकार

सूत्रों के अनुसार ओमान प्रशासन ने भारतीय दूतावास के माध्यम से परिवार से पोस्टमार्टम के लिए सहमति मांगी थी। हालांकि परिजनों ने वहां पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया।

परिवार का कहना है कि यदि ओमान में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू होती है तो स्थानीय स्तर पर कानूनी जांच, पुलिस कार्रवाई और अन्य औपचारिकताओं में काफी समय लग सकता है। ऐसे में पार्थिव शरीर के भारत पहुंचने में और देरी होगी।

‘बेटा वापस नहीं आएगा, अंतिम दर्शन तो हो’

आदित्य के पिता राजेश कुमार शर्मा ने भावुक होकर कहा कि उनका बेटा अब वापस नहीं लौट सकता, लेकिन परिवार उसके अंतिम दर्शन करना चाहता है। उन्होंने कहा कि कई दिनों से परिवार लगातार इंतजार कर रहा है और अब सिर्फ यही इच्छा है कि बेटे की पार्थिव देह जल्द घर पहुंचे।

परिवार के अन्य सदस्य भी गहरे सदमे में हैं। घर में शोक का माहौल है और सभी की निगाहें स्वदेश वापसी की प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं।

मां और दादी को अंतिम दर्शन का इंतजार

आदित्य की मां सुषमा शर्मा और दादी शकुंतला देवी लगातार उसके अंतिम दर्शन की उम्मीद लगाए बैठी हैं। परिजनों का कहना है कि लंबे इंतजार और दुख के बीच परिवार भावनात्मक रूप से बेहद कठिन दौर से गुजर रहा है।

स्थानीय लोग और रिश्तेदार भी परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। पूरे क्षेत्र में इस घटना को लेकर शोक का माहौल है।

औपचारिकताओं को लेकर जारी प्रयास

परिवार की मदद के लिए कई लोग आगे आए हैं। स्थानीय स्तर पर भी प्रशासन और संबंधित एजेंसियों से संपर्क बनाए रखा जा रहा है। विदेश में चल रही प्रक्रियाओं और आवश्यक दस्तावेजी कार्रवाई पर लगातार नजर रखी जा रही है।

परिजनों को उम्मीद है कि भारतीय दूतावास और संबंधित विभागों के सहयोग से जल्द ही पार्थिव शरीर भारत लाया जाएगा, ताकि पूरे सम्मान और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ आदित्य का अंतिम संस्कार किया जा सके।

स्वदेश वापसी का इंतजार

फिलहाल परिवार की सबसे बड़ी चिंता पार्थिव देह की शीघ्र स्वदेश वापसी है। परिजन चाहते हैं कि कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं जल्द पूरी हों और आदित्य को अंतिम विदाई अपने घर और अपनों के बीच दी जा सके।

इस बीच पूरे क्षेत्र के लोग परिवार के साथ खड़े हैं और युवा नाविक की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।

Leave a comment