उत्तर प्रदेश के आगरा में एक बार फिर गर्मी का प्रकोप बढ़ गया है। शहर का अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने से लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही कम दिखाई दी और लोग गर्मी से बचने के लिए घरों में रहने को मजबूर रहे।
पिछले कुछ दिनों की अपेक्षाकृत राहत के बाद तापमान में हुई बढ़ोतरी ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। दिन के समय सूरज की तपिश इतनी तेज रही कि बाहर निकलने वाले लोग सिर और चेहरे को कपड़े से ढंककर चलते नजर आए। बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भी दोपहर के समय भीड़ कम दिखाई दी।
हालांकि मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए राहत की उम्मीद भी जताई है। विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक आंधी चलने की संभावना बनी हुई है। इसके साथ ही कल कुछ क्षेत्रों में बारिश भी हो सकती है। यदि बारिश होती है तो तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है और लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वातावरण में नमी बढ़ने और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। आंधी और हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां तापमान को नियंत्रित करने में मदद कर सकती हैं। हालांकि आंधी के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की भी सलाह दी गई है।
गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली और पानी की मांग में भी इजाफा देखा जा रहा है। कूलर, पंखे और एयर कंडीशनर के लगातार उपयोग से बिजली खपत बढ़ गई है। वहीं ठंडे पेय पदार्थों, फलों और बर्फ की मांग भी बाजारों में बढ़ने लगी है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और शरीर को हाइड्रेट रखने की सलाह दी है। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है, क्योंकि तेज गर्मी और लू स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार यदि बारिश की गतिविधियां सक्रिय होती हैं तो आने वाले दिनों में तापमान में कुछ कमी आ सकती है। फिलहाल लोगों को गर्मी और उमस दोनों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन कल संभावित बारिश से राहत की उम्मीद बढ़ गई है।
आगरा में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। एक ओर 42 डिग्री तापमान लोगों को झुलसा रहा है, तो दूसरी ओर आंधी और बारिश की संभावना उम्मीद जगा रही है। अब शहरवासियों की निगाहें आसमान पर टिकी हैं कि कब बादल बरसें और गर्मी से राहत मिले।









