OPPO की Find X9 सीरीज़ के लॉन्च इवेंट में कंपनी के विशेषज्ञों ने कहा कि AI इंसानों की नौकरियां नहीं छीनता, बल्कि एक सहायक टूल है। AI सीखकर इस्तेमाल करने वाले पेशेवर अपनी दक्षता बढ़ा सकते हैं और जटिल कार्यों को आसान बना सकते हैं। इसका उद्देश्य इंसानी क्षमता को बढ़ाना और जीवन को स्मार्ट बनाना है।
AI And Career Development: OPPO की Find X9 सीरीज़ के लॉन्च इवेंट में कंपनी के हेड ऑफ प्रोडक्ट स्ट्रैटजी पीटर दोह्युंग ली और हेड ऑफ ब्रांड कम्युनिकेशन गोल्डी पात्राइक ने स्पष्ट किया कि AI इंसानों की नौकरियों को खतरे में नहीं डालता। भारत में आयोजित इस इवेंट में उन्होंने बताया कि AI एक शक्तिशाली टूल है जो किसी भी पेशेवर को फोटोग्राफी, डेवलपमेंट, शेफिंग या करियर बदलाव में मदद कर सकता है। इसका सही इस्तेमाल इंसान को और स्मार्ट बनाता है और नई तकनीक सीखने वालों को आगे बढ़ने का अवसर देता है।
AI खतरा नहीं, सहायक टूल
OPPO की Find X9 सीरीज़ के लॉन्च इवेंट में कंपनी के हेड ऑफ प्रोडक्ट स्ट्रैटजी पीटर दोह्युंग ली ने स्पष्ट किया कि AI इंसान की जगह नहीं लेता, बल्कि एक शक्तिशाली टूल के रूप में काम करता है। उनका कहना है कि जो लोग AI को सीखेंगे और अपनाएंगे, वे किसी भी क्षेत्र में अपनी दक्षता बढ़ा सकते हैं। चाहे आप फोटोग्राफर हों, डेवलपर, शेफ या करियर बदलना चाहते हों, AI आपकी मदद कर सकता है।
पीटर का साफ संदेश है: जो सीखेंगे, वही आगे बढ़ेंगे। जो सीखने से बचेंगे, वे पीछे रह जाएंगे। उनका मानना है कि असली चुनौती AI से मुकाबला करना नहीं, बल्कि नई तकनीक को समझने और सीखने की गति है।

AI जीवन की नई आवश्यकता
हेड ऑफ ब्रांड कम्युनिकेशन गोल्डी पात्राइक ने AI की जरूरत को रोजमर्रा की ज़िंदगी में मोबाइल जैसी बताया। उनका कहना है कि जैसे मोबाइल हमारी मूल जरूरतों में शामिल हो गया है, वैसे ही अब AI भी जीवन की पांचवीं आवश्यकता बनता जा रहा है। AI को अपनाकर और समझकर इस्तेमाल करना इंसान की ताकत बढ़ाता है और इसे नजरअंदाज करना नुकसानदेह हो सकता है।
गोल्डी का मानना है कि AI इंसान को बदल नहीं सकता, बल्कि उसे और स्मार्ट बनाता है। भावनाओं को समझना और इंसानी निर्णय लेना अभी भी मानव का काम है। इस दृष्टिकोण से AI और इंसान मिलकर बेहतर परिणाम दे सकते हैं।
AI क्या है और कैसे काम करता है
AI असल में कंप्यूटर सिस्टम का ऐसा रूप है जो बड़े डेटा को तेजी से प्रोसेस कर पैटर्न पहचानता है और उसी आधार पर निर्णय लेता है। यह इंसानी दिमाग की तरह सोच या महसूस नहीं कर सकता, लेकिन उन कामों को तेज़ी से कर सकता है जिनमें आमतौर पर इंसानी समझ की जरूरत होती है। AI का उद्देश्य इंसानी क्षमता को बढ़ाना और जटिल कार्यों को आसान बनाना है।











