AI Coding पर Zoho फाउंडर श्रीधर वेम्बु की चेतावनी, बोले- डेवलपर्स को भविष्य के लिए तैयार रहना होगा

Zoho फाउंडर श्रीधर वेम्बु ने AI Coding की बढ़ती क्षमता पर चिंता जताई। उन्होंने डेवलपर्स से बदलती टेक्नोलॉजी के बीच अपनी skills और relevance बनाए रखने को कहा।

Zoho फाउंडर श्रीधर वेम्बु ने 6 सितंबर को AI की बढ़ती coding क्षमता पर चिंता जताई। X पर उन्होंने कहा कि AI जल्द अधिकांश software coding सटीकता से कर सकता है, जिससे developers की भूमिका और नौकरियों पर असर पड़ सकता है।

Tech: Zoho फाउंडर श्रीधर वेम्बु ने AI Coding की तेजी से बढ़ती क्षमता को लेकर software developers को भविष्य के लिए तैयार रहने की सलाह दी है। X पर Exa AI Labs के CEO Will Bryk की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए वेम्बु ने कहा कि AI अधिकांश coding संभाल सकता है। ऐसे में developers के लिए अपनी relevance बनाए रखना बड़ी चुनौती होगी।

AI की बढ़ती coding क्षमता बनी चिंता

Zoho फाउंडर श्रीधर वेम्बु ने AI के बढ़ते प्रभाव को लेकर software industry के सामने आने वाली चुनौतियों पर अपनी राय रखी है। उन्होंने Exa AI Labs के CEO Will Bryk की एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि AI आने वाले समय में coding के बड़े हिस्से को बेहद सटीक तरीके से करने में सक्षम हो सकता है।

AI Coding पर Zoho फाउंडर श्रीधर वेम्बु की चेतावनी, बोले- डेवलपर्स को भविष्य के लिए तैयार रहना होगा

वेम्बु की टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब AI की क्षमताओं को लेकर यह बहस तेज हो रही है कि क्या मशीनें कई ऐसे काम अपने हाथ में ले सकती हैं, जिनके लिए अब तक highly skilled professionals की जरूरत होती रही है।

गणित से शुरू हुई चर्चा coding तक पहुंची

Will Bryk ने अपने पोस्ट में दावा किया था कि 2027 तक AI गणित में इंसानों से आगे निकल सकता है। उनके मुताबिक abstract symbols के साथ काम करने में इंसानी दिमाग की कुछ सीमाएं हैं।

वेम्बु ने इस विचार से काफी हद तक सहमति जताई। उन्होंने chess और Go जैसे खेलों का उदाहरण देते हुए कहा कि AI ऐसे क्षेत्रों में इंसानों को पीछे छोड़ सकता है, जहां रणनीति और complex problem-solving महत्वपूर्ण हैं।

हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि बिल्कुल नया खेल या नई तरह की रचनात्मक चुनौती पैदा करना जैसी rare human creativity अभी AI के लिए कठिन है।

कितने developers की जरूरत रह जाएगी?

वेम्बु की चिंता सिर्फ यह नहीं है कि AI इंसानों से बेहतर code लिख पाएगा या नहीं। बड़ा सवाल यह है कि अगर software development का बड़ा हिस्सा AI करने लगेगा, तो industry में कितने developers की आवश्यकता बचेगी।

उनके मुताबिक AI-generated code की accuracy को verify करने वाले systems भी विकसित हो सकते हैं। इससे coding process में human intervention की जरूरत और कम हो सकती है।

इस स्थिति में developers के सामने अपनी skills और role को बदलने की चुनौती होगी। वेम्बु का संदेश यही है कि software professionals को बदलते technology landscape में अपनी relevance बनाए रखने के लिए नए रास्ते तलाशने होंगे।

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