AI का दुरुपयोग बढ़ा: हैकर्स ChatGPT–Grok को बना रहे हथियार, आपकी डेटा सेफ्टी पर असर!

रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि हैकर्स चैटजीपीटी जैसे एआई टूल्स का इस्तेमाल कर प्रमोटेड लिंक से मालवेयर फैला रहे हैं. यूजर्स को संदिग्ध लिंक से सतर्क रहना जरूरी है.

हाल ही में सामने आई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि हैकर्स अब चैटजीपीटी और अन्य एआई चैटबॉट्स का इस्तेमाल कर लोगों के डिवाइस में मालवेयर इंस्टॉल कर रहे हैं। पॉपुलर सर्च टॉपिक के जरिए प्रमोटेड लिंक फैलाकर यूजर्स को निशाना बनाया जा रहा है। यह तरीका तेजी से फैल रहा है और साइबर सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।

Cybersecurity Alert: हाल ही में रिपोर्ट में सामने आया है कि हैकर्स चैटजीपीटी और अन्य एआई चैटबॉट्स का इस्तेमाल कर यूजर्स के डिवाइस में मालवेयर इंस्टॉल कर रहे हैं। यह हमला दुनियाभर में इंटरनेट यूजर्स को निशाना बना रहा है। हैकर्स पॉपुलर सर्च टॉपिक पर आधारित प्रमोटेड लिंक बनाकर लोगों को फंसाते हैं, जिससे सिस्टम संक्रमित हो जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस नई तकनीक से बचने के लिए केवल भरोसेमंद स्रोतों का उपयोग और संदिग्ध लिंक से दूरी बनाए रखना जरूरी है।

एआई टूल्स से एडवांस साइबर अटैक

रिपोर्ट में बताया गया है कि हैकर्स एआई चैटबॉट्स से कंप्यूटर के टर्मिनल में कमांड हासिल करते हैं। यह कमांड किसी दूसरे सिस्टम में एक्सेस पाने में मदद करती है। हैकर्स इन बातचीत को प्रमोट करते हैं, जिससे गूगल सर्च में यह सबसे ऊपर दिखता है। यूजर जब इन लिंक पर क्लिक करता है, तो तुरंत उनका डिवाइस मालवेयर से प्रभावित हो जाता है। यह तरीका तेजी से फैल रहा है और साइबर सुरक्षा के लिहाज से गंभीर खतरा है।

AI का दुरुपयोग बढ़ा: हैकर्स ChatGPT–Grok को बना रहे हथियार, आपकी डेटा सेफ्टी पर असर!

सुरक्षा के उपाय और सतर्कता

साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के अटैक से बचने के लिए यूजर्स को सतर्क रहना जरूरी है। ब्राउजर से किसी भी कमांड को कॉपी-पेस्ट करने से बचें, खासकर उन लिंक से जिन्हें आप पूरी तरह भरोसेमंद नहीं मानते। हमेशा कमांड या टूल्स की जानकारी प्रमाणित स्रोत से ही लें। प्रमोटेड लिंक या संदिग्ध कमांड आपके सिस्टम की सुरक्षा को खतरे में डाल सकते हैं।

एआई के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर क्राइम का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है। हैकर्स अब स्मार्ट तरीके अपनाकर सामान्य यूजर्स को निशाना बना रहे हैं। इसलिए इंटरनेट पर सतर्क रहना, संदिग्ध लिंक से दूरी बनाए रखना और हमेशा भरोसेमंद स्रोतों का उपयोग करना आवश्यक है।

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