अजमेर: रिश्वत मामले में गिरफ्तार सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के जॉइंट डायरेक्टर के परिवार के लॉकर की तलाशी में करीब ₹1.46 करोड़ की सोने-चांदी की ज्वेलरी मिली। नौ बैंक खातों में करीब ₹64 लाख जमा मिले हैं।
अजमेर: सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के जॉइंट डायरेक्टर के खिलाफ रिश्वत मामले की जांच में एसीबी को बड़ी संपत्ति का पता चला है। अजमेर में ₹3 लाख की रिश्वत लेते पकड़े गए अधिकारी के परिवार के लॉकर की तलाशी में करीब ₹1.46 करोड़ की सोने-चांदी की ज्वेलरी मिली। जांच के दौरान परिवार के नौ बैंक खातों में करीब ₹64 लाख की राशि भी सामने आई है।
₹3 लाख की रिश्वत लेते पकड़े गए थे अधिकारी
अजमेर में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के जॉइंट डायरेक्टर को एंटी करप्शन ब्यूरो यानी एसीबी ने ₹3 लाख की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी ने मामले को केवल रिश्वत की रकम तक सीमित नहीं रखा, बल्कि अधिकारी की संपत्तियों और परिवार से जुड़े वित्तीय लेनदेन की भी जांच शुरू की।
एसीबी की कार्रवाई के बाद अधिकारी के परिवार से जुड़ी संपत्तियों और बैंक खातों की जानकारी जुटाई गई। इसी क्रम में परिवार के लॉकर की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान सोने और चांदी से बनी बड़ी मात्रा में ज्वेलरी बरामद होने की बात सामने आई है।
लॉकर में मिली ₹1.46 करोड़ की ज्वेलरी
एसीबी की तलाशी में परिवार के लॉकर से करीब ₹1.46 करोड़ मूल्य की सोने-चांदी की ज्वेलरी मिली है। बरामद ज्वेलरी में सोने और चांदी के आभूषण शामिल बताए गए हैं। अब जांच एजेंसी इन आभूषणों की खरीद, उनके बिल और अन्य संबंधित दस्तावेजों की जानकारी जुटा रही है।
जांच का अहम पहलू यह भी है कि अधिकारी की घोषित आय और सामने आई संपत्तियों के बीच कोई असामान्य अंतर तो नहीं है। एसीबी वित्तीय रिकॉर्ड के आधार पर यह पता लगाने में जुटी है कि लॉकर में मिली संपत्ति कब और किस माध्यम से खरीदी गई।
नौ बैंक खातों में करीब ₹64 लाख
लॉकर के अलावा एसीबी ने अधिकारी के परिवार से जुड़े बैंक खातों की भी जांच की। जांच में परिवार के नौ बैंक खातों में करीब ₹64 लाख की रकम होने की जानकारी मिली है। इन खातों में जमा रकम और उससे जुड़े लेनदेन का रिकॉर्ड भी एजेंसी की जांच के दायरे में है।
बैंक खातों में मौजूद रकम के स्रोत, जमा और निकासी की जानकारी जुटाई जा रही है। एसीबी यह भी देख रही है कि इन खातों में हाल के दिनों में कोई असामान्य लेनदेन हुआ था या नहीं।
रिश्वत केस के बाद संपत्तियों की जांच तेज
रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद जॉइंट डायरेक्टर की संपत्तियों और वित्तीय स्थिति की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। एसीबी अब रिश्वत प्रकरण के साथ-साथ अधिकारी और उसके परिवार की आर्थिक गतिविधियों से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है।
जांच एजेंसी बैंक खातों, लॉकर और अन्य वित्तीय दस्तावेजों को मिलाकर अधिकारी की कुल संपत्ति और आय के स्रोतों का आकलन कर सकती है। यदि किसी संपत्ति या रकम के स्रोत को लेकर पर्याप्त दस्तावेज नहीं मिलते हैं, तो जांच आगे उसी आधार पर बढ़ाई जा सकती है।
आगे और संपत्तियों की जानकारी सामने आने की संभावना
एसीबी की जांच अभी जारी है। लॉकर में मिली करीब ₹1.46 करोड़ की ज्वेलरी और नौ बैंक खातों में सामने आई करीब ₹64 लाख की रकम के संबंध में दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है।
रिश्वत मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ अधिकारी की अन्य चल-अचल संपत्तियों, निवेश और बैंक लेनदेन की भी पड़ताल हो सकती है। फिलहाल एसीबी का फोकस बरामद संपत्ति और बैंक खातों में मिली रकम के स्रोत की पुष्टि करने पर है।









