अजमेर में पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर पति की हत्या का रचा षड्यंत्र, सुसाइड दिखाने की कोशिश का आरोप

अजमेर के पीसांगन में किसान की संदिग्ध मौत मामले में पत्नी और उसके प्रेमी पर हत्या का आरोप लगा है। पुलिस जांच में हत्या और सुसाइड दिखाने की कोशिश का खुलासा हुआ।

अजमेर के पीसांगन में किसान मुकेश रावत की मौत मामले में पुलिस ने उसकी पत्नी और माइंस कारोबारी प्रेमी समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया है। आरोप है कि हत्या को आत्महत्या दिखाने की कोशिश की गई। मामले की जांच जारी है।

अजमेर: राजस्थान के अजमेर जिले के पीसांगन क्षेत्र में एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार किसान मुकेश रावत (33) की मौत के मामले में उसकी पत्नी विमला देवी और उसके कथित प्रेमी माइंस कारोबारी गोपाल सिंह समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। परिजनों का आरोप है कि पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की और घटना को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की। पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

घर में संदिग्ध हालत में मिला था किसान का शव

पीसांगन थाना प्रभारी पारुल यादव के अनुसार मुकेश रावत गुरुवार सुबह अपने घर में मृत अवस्था में मिला था। परिवार को सूचना मिली थी कि उसने रात करीब 10 बजे कुछ खा लिया था और उसकी तबीयत खराब हो गई थी। परिजन जब मौके पर पहुंचे तो मुकेश बेहोशी की हालत में था। उसे तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मामला संदिग्ध मानते हुए अजमेर के जवाहरलाल नेहरू अस्पताल रेफर कर दिया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शुरुआत में परिवार को मौत की वजह पर संदेह हुआ और उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

परिवार ने पत्नी और प्रेमी पर लगाए गंभीर आरोप

मृतक के काका राम अवतार ने आरोप लगाया कि मुकेश की पत्नी विमला देवी और माइंस कारोबारी गोपाल सिंह के बीच पिछले करीब दो साल से संबंध थे। परिजनों का दावा है कि मुकेश को इस रिश्ते की जानकारी थी और इसी वजह से पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था। परिवार के अनुसार गोपाल सिंह ने पहले भी मुकेश को जान से मारने की धमकी दी थी। परिजनों ने आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले मुकेश ने पत्नी और गोपाल को संदिग्ध स्थिति में देखा था, जिसके बाद घर में विवाद बढ़ गया था।

पुलिस जांच में हत्या की आशंका मजबूत हुई

पुलिस सूत्रों के अनुसार शुरुआती जांच में कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिनसे मामला आत्महत्या के बजाय हत्या का प्रतीत हुआ। जांच के दौरान पुलिस को संदेह हुआ कि मुकेश की मौत को आत्महत्या दिखाने का प्रयास किया गया था। पुलिस के मुताबिक शव के आसपास लाल रंग की दवा फैली हुई मिली थी, जिससे शक और गहरा गया। पुलिस ने जब आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की तो पत्नी ने कथित तौर पर हत्या से जुड़ी जानकारी दी। हालांकि पुलिस ने अभी पूरे मामले की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद करने की बात कही है।

हत्या में अन्य लोगों की भूमिका की जांच जारी

पुलिस के अनुसार इस वारदात में माइंस कारोबारी गोपाल सिंह के ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति की भूमिका की भी जांच की जा रही है। आरोप है कि बुधवार रात करीब 11 बजे के बाद मुकेश की हत्या की गई। इसके बाद घटना को आत्महत्या साबित करने के लिए अलग कहानी बनाने की कोशिश की गई। पुलिस अब हत्या की पूरी साजिश, इसमें शामिल लोगों और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

2010 में हुई थी मुकेश और विमला की शादी

परिजनों के अनुसार मुकेश रावत और विमला देवी की शादी साल 2010 में हुई थी। दोनों के पांच बच्चे हैं, जिनमें तीन बेटियां और दो बेटे शामिल हैं। परिवार का कहना है कि घटना के समय बच्चों को घर के एक कमरे में बंद कर दिया गया था। परिजनों ने आरोप लगाया कि हत्या पूर्व नियोजित तरीके से की गई। मुकेश गांव में बंटाई पर खेती करता था और परिवार का पालन-पोषण करता था।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगी मौत की वजह

पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल पुलिस हत्या, जहरीला पदार्थ देने और अन्य संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। आरोपियों से पूछताछ के साथ घटनास्थल से मिले सबूतों की भी जांच की जा रही है।

परिवार ने रखीं प्रशासन के सामने मांगें

मुकेश के परिवार ने अजमेर अस्पताल में विरोध प्रदर्शन करते हुए कई मांगें रखीं। परिवार की प्रमुख मांग है कि हत्या में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। परिवार ने यह भी मांग की है कि आरोपी माइंस कारोबारी की संपत्ति की जांच कर अवैध संपत्ति पर कार्रवाई की जाए। इसके अलावा उन्होंने मुकेश के पांचों बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए आर्थिक सहायता और संपत्ति संरक्षण की मांग उठाई है।

ग्रामीण क्षेत्र में घटना को लेकर आक्रोश

इस घटना के बाद पीसांगन क्षेत्र में लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।पुलिस का कहना है कि जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है और सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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