आकाशवाणी अयोध्या 20 अक्टूबर को पहली बार रामलीला और दशहरा उत्सव का सीधा प्रसारण करेगा। शाम 5 से 6 बजे तक होने वाला यह कार्यक्रम रेडियो, न्यूज़ ऑन एआईआर ऐप और वेव्स ओटीटी पर उपलब्ध होगा।
अयोध्या: रामनगरी की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए आकाशवाणी अयोध्या इस वर्ष पहली बार रामलीला और दशहरा उत्सव का सजीव प्रसारण करेगा। यह विशेष कार्यक्रम 20 अक्टूबर को शाम 5 बजे से 6 बजे तक प्रसारित होगा। श्रोता इसे पारंपरिक रेडियो के साथ न्यूज़ ऑन एआईआर ऐप और वेव्स ओटीटी पर भी सुन सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को व्यापक पहचान दिलाना है।
20 अक्टूबर को शाम 5 से 6 बजे तक होगा प्रसारण
आकाशवाणी अयोध्या इस वर्ष रामलीला और दशहरा उत्सव का पहली बार विशेष सीधा प्रसारण करने जा रहा है। कार्यक्रम प्रमुख आशीष चतुर्वेदी के अनुसार, यह प्रसारण 20 अक्टूबर को शाम 5 बजे से शाम 6 बजे तक किया जाएगा। इस पहल से रामनगरी के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों को उन श्रोताओं तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा, जो किसी कारणवश आयोजन में शामिल नहीं हो सकते।
इससे पहले 20 सितंबर को प्रसिद्ध सूर्यकुंड मेले का प्रसारण सफलतापूर्वक किया गया था। इसके बाद रामलीला और दशहरा उत्सव को भी प्रसारण के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने का निर्णय लिया गया। इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन प्रसार भारती के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव द्विवेदी के निर्देशन में किया जा रहा है।
रेडियो के साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी मिलेगा प्रसारण
इस विशेष कार्यक्रम को सुनने के लिए श्रोताओं के पास कई विकल्प होंगे। आकाशवाणी अयोध्या के अनुसार, इसका सीधा प्रसारण पारंपरिक रेडियो के अलावा न्यूज़ ऑन एआईआर ऐप और वेव्स ओटीटी पर भी उपलब्ध रहेगा।
प्रसारण के लिए आकाशवाणी की टीम विभिन्न स्थानों से जुड़कर कार्यक्रम का सीधा कवरेज करेगी। इससे रामलीला और दशहरा उत्सव से जुड़े दृश्यों, परंपराओं और सांस्कृतिक गतिविधियों को व्यापक श्रोता वर्ग तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
डिजिटल माध्यमों के इस्तेमाल से देश के अलग-अलग हिस्सों और विदेशों में रहने वाले लोग भी अयोध्या के इस आयोजन से जुड़ सकेंगे। हालांकि, प्रसारण के दौरान किन-किन कार्यक्रमों या स्थलों को शामिल किया जाएगा, इसकी विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है।
अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान देने की पहल
भगवान श्रीराम की जन्मभूमि होने के कारण अयोध्या का धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व है। यहां आयोजित होने वाले धार्मिक उत्सव और लोकपरंपराएं बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को आकर्षित करती हैं। आकाशवाणी की इस पहल का उद्देश्य इन परंपराओं को आधुनिक प्रसारण माध्यमों के जरिए अधिक लोगों तक पहुंचाना है।
कार्यक्रम प्रमुख आशीष चतुर्वेदी ने बताया कि आयोजन के लिए जिला प्रशासन का सहयोग मिल रहा है। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी के सहयोग से इस पहल को व्यापक स्वरूप दिया जा रहा है। आकाशवाणी अयोध्या ने प्रसार भारती के अपर महानिदेशक (मध्य क्षेत्र) प्रकाश वीर त्यागी और केंद्राध्यक्ष कमलेश कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन और सहयोग के प्रति भी आभार जताया है।
20 अक्टूबर को होने वाला यह प्रसारण अयोध्या की धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक आयोजनों को रेडियो तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से व्यापक दर्शक-श्रोता वर्ग तक पहुंचाने का प्रयास है।








