पवित्र पर्व अक्षय तृतीया के अवसर पर उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी अयोध्या में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही रामनगरी का माहौल भक्ति और आस्था से सराबोर नजर आया।
श्रद्धालु बड़ी संख्या में सरयू नदी के घाटों पर पहुंचे और आस्था की डुबकी लगाकर स्नान-दान किया। मान्यता है कि इस दिन किए गए पुण्य कर्म अक्षय फल प्रदान करते हैं, इसलिए दूर-दूर से लोग अयोध्या पहुंचते हैं।
सरयू घाटों पर सुबह से ही लोगों की भीड़ लगी रही। श्रद्धालु परिवार के साथ पहुंचे और विधि-विधान से स्नान कर पूजा-अर्चना की। कई लोगों ने गरीबों को दान भी दिया और धार्मिक अनुष्ठान किए।
वहीं, अयोध्या के प्रमुख मंदिरों में भी दर्शन के लिए लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलीं। भक्त भगवान के दर्शन के लिए घंटों इंतजार करते नजर आए। मंदिर परिसर “जय श्री राम” के जयकारों से गूंजता रहा।
प्रशासन ने इस मौके पर विशेष व्यवस्था की थी। घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था। साथ ही, साफ-सफाई और पेयजल की भी व्यवस्था की गई थी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अक्षय तृतीया के दिन स्नान, दान और पूजा का विशेष महत्व होता है। इस दिन सोना खरीदना, दान देना और धार्मिक कार्य करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल इस पर्व पर अयोध्या में इसी तरह श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता है, जिससे शहर का माहौल पूरी तरह आध्यात्मिक हो जाता है।









