प्रयागराज — इलाहाबाद हाई कोर्ट ने समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी को रंगदारी (extortion) के मुकदमे में मिली अंतरिम राहत बढ़ा दी है। कोर्ट ने राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने का एक और मौका दिया है और ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर लगी रोक 17 दिसंबर 2025 तक के लिए बढ़ा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति समीर जैन की एकल पीठ ने दिया है।
पहले यह राहत 13 अक्टूबर को दी गई थी, जिसका विस्तार अब किया गया है।
इरफान सोलंकी ने अपनी याचिका में मुकदमे की पूरी कार्रवाई रद्द करने की मांग की है। उनका दावा है कि जिस जमीन को लेकर शिकायतकर्ता ने कब्जा करने का आरोप लगाया है, वह जमीन उसकी नहीं है। यह मामला दिसंबर 2022 का है। आरोप है कि सोलंकी और अन्य लोगों ने कृषक विमल कुमार की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की और वसूली की।







