अंबानी की जामनगर रिफाइनरी से तेल निर्यात में तेजी, प्रतिबंधों के बीच यूरोप-अमेरिका को सप्लाई बढ़ी

रिलायंस की जामनगर रिफाइनरी से यूरोप और अमेरिका को तेल उत्पादों की सप्लाई बढ़ी। CREA के मुताबिक, सितंबर में पश्चिमी देशों को निर्यात 43% बढ़कर 1 अरब यूरो हुआ।

CREA की रिपोर्ट के अनुसार, रूसी कच्चे तेल का प्रसंस्करण करने वाली भारत, तुर्किये और ब्रुनेई की रिफाइनरियों से पश्चिमी देशों को तेल उत्पादों का निर्यात सितंबर में 43% बढ़कर 1 अरब यूरो हो गया। इसी दौरान भारत का रूसी तेल आयात 13% घटा।

Business: रूसी कच्चे तेल से तैयार ईंधन के कारोबार में भारत की रिफाइनरियों की भूमिका चर्चा में है। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत, तुर्किये और ब्रुनेई से पश्चिमी देशों को तेल उत्पादों का निर्यात सितंबर में 43% बढ़कर 1 अरब यूरो पहुंच गया। गुजरात स्थित रिलायंस इंडस्ट्रीज की जामनगर रिफाइनरी ने यूरोपीय संघ और अमेरिका को ईंधन की आपूर्ति की।

जामनगर रिफाइनरी से यूरोप और अमेरिका को तेल की सप्लाई

रूसी कच्चे तेल से तैयार ईंधन के निर्यात में भारत की रिफाइनरियों की अहम भूमिका सामने आई है। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत, तुर्किये और ब्रुनेई की उन रिफाइनरियों से पश्चिमी देशों को तेल उत्पादों का निर्यात सितंबर 2026 में 43% बढ़कर 1 अरब यूरो हो गया, जो रूसी कच्चे तेल का प्रसंस्करण करती हैं।

अंबानी की जामनगर रिफाइनरी से तेल निर्यात में तेजी, प्रतिबंधों के बीच यूरोप-अमेरिका को सप्लाई बढ़ी

इस कारोबार में गुजरात स्थित रिलायंस इंडस्ट्रीज की जामनगर रिफाइनरी प्रमुख रही। रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर में यूरोपीय संघ के बंदरगाहों पर पहुंचे सात मालवाहक जहाजों में से छह को जामनगर रिफाइनरी ने ईंधन की आपूर्ति की। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब यूरोपीय संघ ने रूसी कच्चे तेल से तैयार तेल उत्पादों के आयात पर प्रतिबंध लागू किया हुआ है।

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत, तुर्किये और ब्रुनेई की रिफाइनरियों से यूरोपीय संघ ने 66.7 करोड़ यूरो के तेल उत्पाद खरीदे। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया ने 16.8 करोड़ यूरो, अमेरिका ने 15.4 करोड़ यूरो और न्यूजीलैंड ने 1.9 करोड़ यूरो के उत्पाद आयात किए। CREA के अनुमान के अनुसार, इनमें 29.5 करोड़ यूरो मूल्य के उत्पाद रूसी कच्चे तेल से तैयार किए गए थे।

जामनगर रिफाइनरी का अमेरिका को भी बड़ा निर्यात

रिपोर्ट में जामनगर रिफाइनरी से अमेरिका को होने वाली आपूर्ति का भी उल्लेख किया गया है। सितंबर में अमेरिका को यहां से 12.2 करोड़ यूरो मूल्य के तेल उत्पादों का निर्यात हुआ, जो रिपोर्ट में शामिल रिफाइनरियों के बीच सबसे अधिक था।

जुलाई से सितंबर के दौरान जामनगर रिफाइनरी के कुल कच्चे तेल आयात में रूसी तेल की हिस्सेदारी 32% रही। वहीं, रूसी कच्चे तेल का प्रसंस्करण करने वाली रिफाइनरियों से यूरोपीय संघ के बंदरगाहों के लिए घोषित निर्यात का मूल्य अगस्त के मुकाबले सितंबर में 80% बढ़ गया।

इस आपूर्ति में जामनगर रिफाइनरी से भेजा गया 1.04 लाख टन गैसऑयल यानी डीजल का एक जहाज भी शामिल था, जो रिपोर्ट के अनुसार रॉटरडैम की ओर जा रहा था। इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि रूसी कच्चे तेल के आयात और उससे तैयार ईंधन के निर्यात के बीच संबंध वैश्विक ऊर्जा बाजार में महत्वपूर्ण बना हुआ है।

रूसी तेल पर प्रतिबंध और नियमों में बदलाव का सुझाव

यूरोपीय संघ ने जनवरी 2026 में रूसी कच्चे तेल से तैयार तेल उत्पादों के आयात पर प्रतिबंध लागू किया था। हालांकि, शुद्ध कच्चे तेल का निर्यात करने वाले देशों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। CREA का कहना है कि इस व्यवस्था में एक खामी है, क्योंकि किसी देश का शुद्ध तेल निर्यातक होना यह सुनिश्चित नहीं करता कि वहां की रिफाइनरियां रूसी कच्चे तेल का प्रसंस्करण नहीं करतीं।

इसी आधार पर संगठन ने सुझाव दिया है कि प्रतिबंध देशों के बजाय रिफाइनरियों के स्तर पर लागू किया जाना चाहिए। प्रस्ताव के मुताबिक, पिछले छह महीनों के दौरान रूसी कच्चे तेल का प्रसंस्करण करने वाली रिफाइनरियों से तैयार तेल उत्पादों के आयात पर रोक लगाने पर विचार किया जाना चाहिए, भले ही उत्पाद का घोषित मूल देश कुछ भी हो। यह CREA की सिफारिश है, न कि लागू हो चुका नया नियम।

भारत का रूसी कच्चे तेल का आयात 13% घटा

पश्चिमी देशों को तेल उत्पादों का निर्यात बढ़ने के बीच भारत का रूसी कच्चे तेल का आयात सितंबर में 13% घट गया। CREA के अनुसार, यह लगातार दूसरी मासिक गिरावट थी और अप्रैल 2026 के बाद सबसे निचला स्तर था।

भारत की प्रमुख रूसी तेल आयातक रिफाइनरियों में भी गिरावट दर्ज की गई। जामनगर रिफाइनरी में आयात 27%, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन की पारादीप रिफाइनरी में 21% और नायरा एनर्जी की वाडिनार रिफाइनरी में 8% कम हुआ। रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर में वाडिनार ने जामनगर को पीछे छोड़ते हुए भारत के सबसे बड़े रूसी कच्चे तेल आयातक का स्थान हासिल किया।

इसके बावजूद भारत रूस से जीवाश्म ईंधन खरीदने वाले दुनिया के दूसरे सबसे बड़े देशों में शामिल रहा। सितंबर में भारत ने रूस से कुल 410 करोड़ यूरो का जीवाश्म ईंधन आयात किया। इसमें 360 करोड़ यूरो का कच्चा तेल शामिल था, जो कुल आयात का लगभग 88% था। शेष आयात में 30.9 करोड़ यूरो का कोयला और 16.1 करोड़ यूरो के तेल उत्पाद शामिल थे।

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