अंबेडकरनगर में एक वृद्ध किसान की तीन बीघा जमीन कथित रूप से धोखे से बैनामा करा ली गई। पीड़ित का आरोप है कि जमीन की पूरी रकम नहीं दी गई और फर्जी चेक दिखाकर विश्वासघात किया गया। पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
Ambedkarnagar: उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले में जमीन खरीद-फरोख्त से जुड़े कथित धोखाधड़ी के एक मामले ने किसानों की सुरक्षा और संपत्ति अधिकारों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक वृद्ध किसान ने आरोप लगाया है कि उसे लालच देकर उसकी तीन बीघा जमीन का बैनामा करा लिया गया, जबकि तय रकम का अधिकांश हिस्सा उसे नहीं मिला। मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एक बीघा के सौदे में तीन बीघा जमीन का बैनामा
मामला जिले के भीटी क्षेत्र से जुड़ा है, जहां एक वृद्ध किसान ने आरोप लगाया है कि कुछ लोगों ने पहले उससे एक बीघा जमीन खरीदने की बात की थी। किसान के अनुसार प्रति बीघा 36 लाख रुपये की दर तय हुई थी, लेकिन बाद में कथित रूप से विश्वास में लेकर उसकी तीन बीघा जमीन का बैनामा करा लिया गया।
पीड़ित का कहना है कि कुल जमीन की कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक बनती है, लेकिन उसे पूरी राशि नहीं दी गई। आरोप है कि जमीन का हस्तांतरण होने के बावजूद भुगतान का बड़ा हिस्सा अब तक नहीं मिला।
खाते में भेजी गई सीमित रकम
शिकायत के अनुसार आरोपितों ने किसान के बैंक खाते में आरटीजीएस के माध्यम से कुछ राशि भेजी और थोड़ी रकम नकद दी। इसके बाद कथित तौर पर लोन जमा कराने का भरोसा देकर किसान से अतिरिक्त पैसा भी ले लिया गया।
पीड़ित का आरोप है कि वादे के बावजूद न तो लोन जमा किया गया और न ही बाकी भुगतान किया गया। इससे उसे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
फर्जी चेक और वीडियो बनाने का आरोप
किसान ने आरोप लगाया है कि जमीन के भुगतान को दर्शाने के लिए दस्तावेजों में कई चेकों का उल्लेख किया गया, जबकि वास्तविक रूप से उसे वह रकम प्राप्त नहीं हुई। उसने यह भी दावा किया कि उसके हाथ में चेक रखकर फोटो और वीडियो बनाए गए, ताकि भुगतान का प्रमाण दिखाया जा सके।
पीड़ित के अनुसार बाद में वह चेक भी वापस ले लिए गए। साथ ही उसका बैंक पासबुक भी अपने पास रख लिया गया, जिससे उसे पूरे मामले की जानकारी समय पर नहीं मिल सकी।
डीआईजी के निर्देश पर दर्ज हुआ मुकदमा
कथित धोखाधड़ी की जानकारी होने के बाद किसान ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की। जब स्थानीय स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई तो उसने उच्च अधिकारियों से संपर्क किया। इसके बाद मामले का संज्ञान लेते हुए जांच के निर्देश दिए गए।
पुलिस ने नामजद और अज्ञात आरोपितों समेत कुल छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मामले ने ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन खरीद-फरोख्त के दौरान दस्तावेजों की जांच, भुगतान प्रक्रिया की पारदर्शिता और बुजुर्ग किसानों की सुरक्षा जैसे मुद्दों को फिर से चर्चा में ला दिया है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।







