अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि वे 8-9 साल और पद पर बने रह सकते हैं। उनके बयान के बाद तीसरे कार्यकाल की चर्चा तेज हो गई है, हालांकि अमेरिकी संविधान के अनुसार ऐसा करना बेहद मुश्किल माना जाता है।
वाशिंगटन:अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर बड़ा बयान देकर चर्चा छेड़ दी है। उन्होंने कहा कि वह अगले “8 से 9 साल तक” राष्ट्रपति पद पर बने रह सकते हैं।
ट्रम्प के इस बयान को सुनकर कार्यक्रम में मौजूद लोग हंसने लगे, लेकिन उन्होंने तुरंत स्पष्ट किया कि यह कोई मजाक नहीं है। उन्होंने कहा कि अभी देश में “बहुत काम बाकी है” और वे उसे पूरा करना चाहते हैं।
उनका यह बयान अमेरिका में राष्ट्रपति पद की अवधि और संविधान में संभावित बदलाव को लेकर नई बहस का कारण बन गया है।
तीसरे कार्यकाल पर चर्चा: क्या ट्रम्प फिर बन सकते हैं राष्ट्रपति?
अमेरिकी संविधान के अनुसार, कोई भी व्यक्ति दो से अधिक बार राष्ट्रपति नहीं बन सकता। लेकिन हाल के वर्षों में कुछ राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज हुई है कि क्या इस नियम में बदलाव संभव है।
जनवरी 2025 में रिपब्लिकन सांसद एंडी ओगल्स ने प्रतिनिधि सभा (House of Representatives) में एक प्रस्ताव पेश किया था, जिसका उद्देश्य संविधान में संशोधन कर ट्रम्प को तीसरी बार चुनाव लड़ने की अनुमति देना था।
प्रस्ताव में कहा गया था कि यदि कोई व्यक्ति लगातार दो कार्यकाल राष्ट्रपति नहीं रहा हो, तो वह फिर से चुनाव लड़ सकता है। हालांकि यह प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ सका।
संविधान बदलना कितना मुश्किल?
अमेरिका में संविधान संशोधन की प्रक्रिया बेहद कठिन मानी जाती है। इसके लिए दो प्रमुख चरण होते हैं:
कांग्रेस के दोनों सदनों (सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव) में दो-तिहाई बहुमत
50 में से कम से कम 38 राज्यों की मंजूरी
वर्तमान राजनीतिक स्थिति में न तो रिपब्लिकन पार्टी के पास इतना बहुमत है और न ही राज्यों में पर्याप्त समर्थन दिखाई देता है।
इसी वजह से विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह का कोई भी बदलाव फिलहाल लगभग असंभव है।

22वां संशोधन: दो कार्यकाल की सीमा कैसे बनी
अमेरिका में राष्ट्रपति पद की अधिकतम दो कार्यकाल की सीमा 1951 में संविधान के 22वें संशोधन के बाद तय की गई थी।
इससे पहले कोई औपचारिक सीमा नहीं थी। अमेरिका के पहले राष्ट्रपति जॉर्ज वॉशिंगटन ने दो कार्यकाल के बाद स्वेच्छा से पद छोड़कर एक परंपरा स्थापित की थी।
हालांकि, फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट ने इस परंपरा को तोड़ते हुए चार बार राष्ट्रपति पद संभाला, जिसके बाद यह चिंता बढ़ी कि लंबे समय तक सत्ता में बने रहना लोकतंत्र के लिए चुनौती बन सकता है।
इसी कारण दो कार्यकाल की सीमा को संविधान में शामिल किया गया।
क्या ट्रम्प तीसरी बार राष्ट्रपति बन सकते हैं?
विशेषज्ञों के अनुसार, डोनाल्ड ट्रम्प के लिए तीसरी बार राष्ट्रपति बनना कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर बेहद कठिन है।
इसके लिए आवश्यक है कि:
- कांग्रेस में 67% समर्थन मिले
- 38 राज्यों की मंजूरी प्राप्त हो
वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में यह लगभग असंभव माना जा रहा है, क्योंकि कई राज्यों में डेमोक्रेटिक पार्टी का प्रभाव है।
वैकल्पिक राजनीतिक रणनीतियों की चर्चा
कुछ राजनीतिक विश्लेषक यह भी मानते हैं कि यदि ट्रम्प राष्ट्रपति नहीं बन पाते, तो वे अन्य तरीकों से सत्ता के केंद्र में रह सकते हैं।
कुछ संभावित रणनीतियां जिन पर चर्चा हो रही है:
2028 में उपराष्ट्रपति पद पर चुनाव लड़ना
- किसी सहयोगी को राष्ट्रपति बनाकर पर्दे के पीछे प्रभाव बनाए रखना
- परिवार के किसी सदस्य को राजनीतिक उत्तराधिकारी के रूप में आगे लाना
- हालांकि ये सभी संभावनाएं केवल राजनीतिक विश्लेषण और अटकलों पर आधारित हैं।
रूस की राजनीति से तुलना
कुछ विशेषज्ञ ट्रम्प की संभावित रणनीतियों की तुलना रूस के राजनीतिक मॉडल से कर रहे हैं।
रूस में व्लादिमीर पुतिन 2000 से 2008 तक राष्ट्रपति रहे और फिर संवैधानिक सीमा के कारण अपने करीबी दिमित्री मेदवेदेव को राष्ट्रपति बनाकर खुद प्रधानमंत्री पद पर रहे।
बाद में पुतिन फिर से राष्ट्रपति बन गए।
हालांकि, अमेरिका की राजनीतिक और संवैधानिक प्रणाली रूस से काफी अलग है, जहां शक्तियों का स्पष्ट विभाजन मौजूद है।
अमेरिका में राजनीतिक बहस तेज
ट्रम्प के बयान के बाद अमेरिका में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। समर्थकों का कहना है कि ट्रम्प का नेतृत्व देश के लिए महत्वपूर्ण है, जबकि आलोचक इसे लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बनाने की कोशिश मान रहे हैं।
सोशल मीडिया और राजनीतिक मंचों पर भी इस मुद्दे पर तीखी बहस जारी है।
संवैधानिक सीमाएं और लोकतंत्र की सुरक्षा
अमेरिकी संविधान में कार्यकाल की सीमा को लोकतंत्र की स्थिरता और सत्ता के दुरुपयोग को रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच माना जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस नियम में बदलाव करना केवल कानूनी चुनौती नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संतुलन पर भी बड़ा प्रभाव डाल सकता है।
क्या ट्रम्प का बयान राजनीतिक रणनीति है?
राजनीतिक विश्लेषकों का एक वर्ग मानता है कि ट्रम्प का यह बयान केवल एक रणनीतिक राजनीतिक संदेश भी हो सकता है।
इस तरह के बयान उनके समर्थकों को उत्साहित करते हैं और राजनीतिक बहस को उनके पक्ष में बनाए रखते हैं।










