अमेरिकी बकाया भुगतान से संयुक्त राष्ट्र पर मंडराया आर्थिक संकट, गुटेरेस ने सदस्य देशों से की आपात अपील

संयुक्त राष्ट्र को अमेरिकी बकाया भुगतान के कारण गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है। महासचिव गुटेरेस ने सभी सदस्य देशों से आपात अपील की है। जानिए

संयुक्त राष्ट्र (UN) गंभीर वित्तीय संकट के दौर से गुजर रहा है। संगठन के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने चेतावनी दी है कि यदि सदस्य देशों ने समय पर अपने बकाया भुगतान नहीं किए या वित्तीय नियमों में तुरंत बदलाव नहीं हुआ, तो जुलाई 2026 तक संयुक्त राष्ट्र का संचालन बजट पूरी तरह समाप्त हो सकता है।

World News: संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने चेतावनी दी है कि यदि वित्तीय नियमों में सुधार नहीं किया गया और सभी 193 सदस्य देशों ने अपने बकाया का पूरा भुगतान नहीं किया, तो संयुक्त राष्ट्र को जल्द ही गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है। माना जा रहा है कि यह चेतावनी मुख्य रूप से अमेरिका को ध्यान में रखकर दी गई है, जिस पर संयुक्त राष्ट्र का अरबों डॉलर बकाया है। 

गुटेरेस ने सभी सदस्य देशों को लिखे एक पत्र में कहा है कि संगठन का संचालन बजट जुलाई तक समाप्त हो सकता है, जिससे संयुक्त राष्ट्र के कार्यों और कार्यक्रमों पर गहरा असर पड़ने की आशंका है।

193 सदस्य देशों को लिखा गया चेतावनी भरा पत्र

गुटेरेस ने संयुक्त राष्ट्र के सभी 193 सदस्य देशों को एक औपचारिक पत्र लिखकर इस संभावित आर्थिक पतन के प्रति आगाह किया है। पत्र में उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि या तो सदस्य देश अपने वित्तीय दायित्वों का सम्मान करें और पूरा भुगतान समय पर करें, या फिर संगठन के वित्तीय ढांचे में बुनियादी सुधार किए जाएं। उनका कहना है कि मौजूदा व्यवस्था संयुक्त राष्ट्र को दिवालियापन की ओर धकेल रही है।

हालांकि गुटेरेस ने किसी देश का नाम नहीं लिया, लेकिन संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों के अनुसार अमेरिका इस संकट की सबसे बड़ी वजहों में से एक है। अमेरिका पर संयुक्त राष्ट्र के सामान्य बजट का लगभग 2.196 अरब डॉलर बकाया है। इसके अलावा, वर्ष 2026 के लिए लगभग 767 मिलियन डॉलर का अतिरिक्त भुगतान भी बाकी रहेगा।

शांति अभियानों के लिए भी नहीं मिला पैसा

संयुक्त राष्ट्र के शांति रक्षा अभियानों के लिए एक अलग बजट होता है, जिसमें भी अमेरिका का करीब 1.8 अरब डॉलर बकाया है। यह राशि लगातार बढ़ रही है। अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा योगदानकर्ता रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में भुगतान में आई भारी कमी ने संगठन की वित्तीय स्थिरता को गंभीर खतरे में डाल दिया है।

बकाया भुगतान न करने वाले देशों की सूची में दूसरा स्थान वेनेजुएला का है, जिस पर लगभग 38 मिलियन डॉलर का बकाया है। लगातार दो वर्षों तक भुगतान न करने के कारण वेनेजुएला अपना महासभा मतदान अधिकार पहले ही खो चुका है। देश की अर्थव्यवस्था पहले से संकट में है, जिससे भुगतान की संभावना और कमजोर हो गई है।

रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची कुल बकाया राशि

गुटेरेस के अनुसार, वर्ष 2025 के अंत तक संयुक्त राष्ट्र की कुल बकाया राशि 1.568 अरब डॉलर तक पहुंच गई, जो 2024 के अंत की तुलना में लगभग दोगुनी है। इस भारी बकाये के चलते UN के लगभग सभी लिक्विड फंड समाप्त हो चुके हैं, जिससे दैनिक संचालन भी कठिन होता जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने चेताया कि यदि भुगतान में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो संगठन 3.45 अरब डॉलर के उस सामान्य बजट को भी पूरा नहीं कर पाएगा, जिसे दिसंबर में महासभा ने सर्वसम्मति से मंजूरी दी थी। यह बजट संयुक्त राष्ट्र के प्रशासनिक और कार्यक्रम संबंधी खर्चों के लिए बेहद अहम है।

गुटेरेस ने मौजूदा वित्तीय नियमों पर भी सवाल उठाए हैं। वर्तमान नियमों के तहत, यदि बजट का कोई हिस्सा खर्च नहीं होता, तो उसे सदस्य देशों को वापस करना पड़ता है—भले ही वह राशि कभी वास्तव में जमा ही न हुई हो। उन्होंने सदस्य देशों से इस नियम में बदलाव करने की अपील की है ताकि संगठन को तत्काल वित्तीय राहत मिल सके।

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