अमित शाह 20 अक्टूबर को पंजाब दौरे पर, नशाखोरी और कानून-व्यवस्था पर AAP सरकार को घेरने की तैयारी

अमित शाह 20 अक्टूबर को पंजाब दौरे पर आएंगे। भाजपा नशाखोरी और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर AAP सरकार को घेरने की तैयारी में है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 20 अक्टूबर को पंजाब का दौरा करेंगे। इससे पहले भाजपा ने नशाखोरी और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भगवंत मान सरकार को घेरा है। दौरे के दौरान शाह के मानसा समेत कई जिलों में जाने की संभावना है।

चंडीगढ़: पंजाब में नशाखोरी और कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 20 अक्टूबर के प्रस्तावित दौरे से पहले भाजपा ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी ने राज्य में नशे के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा पर जोर दिया है। शाह के मानसा, संगरूर और गुरदासपुर जाने की भी संभावना जताई गई है।

अमित शाह के पंजाब दौरे से पहले नशाखोरी पर सियासत तेज

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 20 अक्टूबर को पंजाब दौरे पर आएंगे। उनके दौरे से पहले राज्य में नशाखोरी और कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इन मुद्दों पर मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार को घेरा है।

भाजपा नेता ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अमित शाह का पंजाब आगमन पर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि राज्य नशे की गंभीर समस्या का सामना कर रहा है और इससे निपटने के लिए निर्णायक कार्रवाई, मजबूत नेतृत्व और दृढ़ इच्छाशक्ति की जरूरत है। उन्होंने पंजाब के लोगों से नशामुक्त राज्य बनाने के प्रयासों में सहयोग करने की अपील भी की।

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की सरकार अपना कार्यकाल पूरा होने से पहले ही जनता का विश्वास खो चुकी है। उन्होंने युवाओं को नशे से बचाने और पंजाब के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया। हालांकि, सरकार को लेकर लगाए गए ये आरोप भाजपा का राजनीतिक पक्ष हैं।

मानसा, संगरूर और गुरदासपुर जा सकते हैं गृह मंत्री

मिली जानकारी के अनुसार, अमित शाह अपने पंजाब दौरे के दौरान मानसा, संगरूर और गुरदासपुर जा सकते हैं। इन जिलों में उनके पीड़ित परिवारों से मुलाकात करने की संभावना है। हालांकि, उनके दौरे का विस्तृत कार्यक्रम संबंधित आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही स्पष्ट होगा।

मानसा में परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद भी राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठे हैं। अमित शाह ने इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए पंजाब के हालात पर राज्य सरकार से जवाब मांगे जाने की बात कही थी।

इसी बीच, गृह मंत्रालय ने शनिवार को नशा-विरोधी कार्यकर्ताओं से जुड़ी घटनाओं के संबंध में पंजाब सरकार से विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी। इस घटनाक्रम ने राज्य में नशे के खिलाफ काम करने वाले लोगों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मुद्दे को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।

नशामुक्ति यात्रा के जरिए भी सरकार को घेर चुकी है भाजपा

पंजाब में नशे की समस्या को लेकर भाजपा पहले भी सक्रिय रही है। पार्टी राज्य में नशामुक्ति यात्रा निकाल चुकी है, जिसमें कई केंद्रीय मंत्रियों ने हिस्सा लिया था। भाजपा लगातार नशे के खिलाफ कार्रवाई को लेकर राज्य सरकार पर दबाव बना रही है।

दूसरी ओर, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल भी नशाखोरी और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर आम आदमी पार्टी सरकार की आलोचना करते रहे हैं। ऐसे में अमित शाह का प्रस्तावित दौरा राज्य की राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

दौरे के दौरान भाजपा इन मुद्दों को किस तरह उठाती है और राज्य सरकार की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर नजर रहेगी। फिलहाल, 20 अक्टूबर के दौरे से पहले नशाखोरी, युवाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पंजाब में राजनीतिक बहस के प्रमुख विषय बने हुए हैं।

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