Amritsar ASI Murder Case में TTH एंगल की जांच तेज, ISI प्रॉक्सी होने का शक

Amritsar ASI Murder Case में TTH एंगल की जांच तेज। एजेंसियों को शक है कि ISI पंजाब में दहशत फैलाने के लिए प्रॉक्सी नेटवर्क चला रही है।

अमृतसर के मजीठा में एएसआई जोगा सिंह की हत्या के बाद पंजाब पुलिस और खुफिया एजेंसियां TTH संगठन की जांच में जुटी हैं। एजेंसियों को शक है कि यह नाम ISI की ओर से दहशत फैलाने और पंजाब में अस्थिरता बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

चंडीगढ़: अमृतसर के मजीठा इलाके में पंजाब पुलिस के ट्रैफिक विंग में तैनात एएसआई जोगा सिंह की हत्या के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। वारदात की जिम्मेदारी लेने वाले TTH संगठन को लेकर जांच तेज कर दी गई है। शुरुआती जांच में एजेंसियों को शक है कि यह कोई सक्रिय आतंकी संगठन नहीं, बल्कि पाकिस्तान की ISI की ओर से डर और अस्थिरता फैलाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा प्रॉक्सी नेटवर्क हो सकता है।

ASI जोगा सिंह हत्याकांड के बाद बढ़ी सुरक्षा चिंता

अमृतसर से करीब 30 किलोमीटर दूर मजीठा इलाके में रविवार सुबह पंजाब पुलिस के ट्रैफिक विंग में तैनात एएसआई जोगा सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। जोगा सिंह गुरदासपुर जिले के गांव घनिये का बांगर के रहने वाले थे। घटना के कुछ समय बाद तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (TTH) की अल-बरक ब्रिगेड नाम से सोशल मीडिया पर पोस्ट जारी कर हत्या की जिम्मेदारी ली गई।

इस पोस्ट के सामने आने के बाद पंजाब पुलिस, खुफिया एजेंसियां और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं। शुरुआती जांच में एजेंसियों को शक है कि TTH कोई स्थापित आतंकी संगठन नहीं, बल्कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI की ओर से इस्तेमाल किया जा रहा नया प्रॉक्सी नाम हो सकता है। एजेंसियों का मानना है कि इसका मकसद पंजाब में अस्थिरता और डर का माहौल बनाना हो सकता है।

सोशल मीडिया और डिजिटल नेटवर्क की जांच

जांच एजेंसियां TTH के नाम से जारी सोशल मीडिया पोस्ट, डिजिटल ट्रेल और आईपी रिकॉर्ड की गहराई से जांच कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार कुछ अकाउंट्स विदेशी सर्वर से ऑपरेट होते दिखाई दिए हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है।

अधिकारियों का कहना है कि अब तक जांच में TTH का कोई बड़ा कैडर, ट्रेनिंग नेटवर्क या जमीनी ढांचा सामने नहीं आया है। इसी वजह से एजेंसियां इसे सीधे बड़े आतंकी संगठन की बजाय साइकोलॉजिकल प्रेशर और दहशत फैलाने की रणनीति मान रही हैं। सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि इंटरनेट मीडिया और वायरल मैसेज के जरिए युवाओं को प्रभावित करने की कोशिश भी की जा रही है।

पहले भी सामने आ चुका है TTH का नाम

फरवरी 2026 में गुरदासपुर जिले के सीमावर्ती गांव आदियां स्थित पुलिस चेकपोस्ट पर एएसआई और एक होमगार्ड जवान की हत्या के बाद भी TTH का नाम सामने आया था। उस समय भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए हमले की जिम्मेदारी ली गई थी और पंजाब पुलिस को धमकी दी गई थी।

हालांकि उस मामले में भी जांच एजेंसियों को किसी बड़े आतंकी नेटवर्क के ठोस सबूत नहीं मिले थे। अब मजीठा में हुई ताजा वारदात के बाद एजेंसियां दोनों घटनाओं के बीच संबंध तलाश रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि छोटे लेकिन हाई-प्रोफाइल टारगेट किलिंग के जरिए लोगों में डर पैदा करना इस तरह की गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य हो सकता है।

सीमावर्ती जिलों में हाई अलर्ट

घटना के बाद पंजाब के सीमावर्ती जिलों अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट और तरनतारन में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। संवेदनशील इलाकों में नाकेबंदी, गश्त और निगरानी तेज कर दी गई है। बीएसएफ और पंजाब पुलिस के बीच इंटेलिजेंस शेयरिंग भी बढ़ाई गई है।

पुलिस ने कई संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट्स और मोबाइल नंबरों को निगरानी में लिया है। वहीं एएसआई जोगा सिंह हत्याकांड की जांच में इलाके के 52 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई है। पुलिस को फुटेज में दो संदिग्ध बाइक सवार दिखाई दिए हैं, जिनकी पहचान और तलाश जारी है।

एसपी (डी) आदित्य वारियर के अनुसार, घटना के बाद जारी किए गए फोटो से यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि हमलावर पहले से जोगा सिंह की रेकी कर रहे थे और सही मौका मिलने पर हमला किया गया। फिलहाल पुलिस कई एंगल पर जांच कर रही है और सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले को गंभीरता से देख रही हैं।

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