Anjali Anand इन दिनों अपनी आगामी फिल्म Dhamaal 4 को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में उन्होंने बॉडी शेमिंग के मुद्दे पर खुलकर बात करते हुए कहा कि वर्ष 2026 में भी महिलाओं के रूप-रंग को लेकर होने वाली टिप्पणियां अक्सर उनके काम और प्रतिभा पर भारी पड़ जाती हैं।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: अभिनेत्री अंजलि आनंद ने बॉडी शेमिंग, महिलाओं के प्रति समाज की सोच और फिल्म इंडस्ट्री में बदलते प्रतिनिधित्व को लेकर खुलकर अपनी राय साझा की है। अपनी आगामी फिल्म ‘धमाल 4’ की रिलीज से पहले दिए गए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि आज भी महिलाओं का मूल्यांकन उनके काम से पहले उनके शरीर और वजन के आधार पर किया जाता है। उनके अनुसार, यह केवल मनोरंजन उद्योग की समस्या नहीं, बल्कि समाज की व्यापक मानसिकता का प्रतिबिंब है।
अंजलि का मानना है कि समय के साथ बदलाव जरूर आया है, लेकिन अभी भी महिलाओं की प्रतिभा की बजाय उनके रूप-रंग और शारीरिक बनावट पर अधिक चर्चा होती है। उन्होंने कहा कि कलाकारों को उनके अभिनय और क्षमता के आधार पर पहचाना जाना चाहिए, न कि उनके शरीर के आकार या वजन से।
‘काम से पहले वजन पर होती है चर्चा’
एक बातचीत के दौरान जब अंजलि आनंद से पूछा गया कि क्या उन्हें निराशा होती है कि उनके अभिनय की तुलना में उनके वजन पर अधिक चर्चा होती है, तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह समाज की सोच को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 में भी स्थिति पूरी तरह नहीं बदली है। आज भी कई लोग किसी महिला कलाकार के अभिनय या उपलब्धियों से पहले उसके वजन और बाहरी रूप पर टिप्पणी करते हैं।
उनके अनुसार, जब तक यह मानसिकता बनी रहेगी, तब तक वह अपने काम के माध्यम से यह साबित करने की कोशिश करती रहेंगी कि प्रतिभा का संबंध किसी व्यक्ति के शरीर के आकार से नहीं होता।
महिलाओं के लिए बेहतर किरदार लिखने की जरूरत
अंजलि आनंद ने फिल्म इंडस्ट्री में महिलाओं के लिए लिखे जाने वाले किरदारों पर भी अपनी राय रखी। उनका कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है, लेकिन अभी भी काफी काम किया जाना बाकी है। उन्होंने कहा कि पहले कई फिल्मों में प्लस-साइज महिला किरदारों को केवल हास्य पैदा करने या खाने-पीने से जुड़े दृश्यों तक सीमित रखा जाता था। ऐसे किरदारों को गंभीरता से नहीं लिया जाता था और उनकी अपनी कोई मजबूत पहचान नहीं होती थी।
हालांकि, अब धीरे-धीरे ऐसे महिला पात्र सामने आ रहे हैं जो अपनी बात रखते हैं, फैसले लेते हैं और कहानी को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अंजलि का मानना है कि यह बदलाव भारतीय सिनेमा के लिए सकारात्मक संकेत है।
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‘धमाल 4’ में भूमिका को लेकर थीं जिम्मेदारी का एहसास
अपनी आगामी फिल्म ‘धमाल 4’ के बारे में बात करते हुए अंजलि ने कहा कि इस परियोजना को स्वीकार करते समय उनके मन में मिश्रित भावनाएं थीं। उनका मानना था कि यदि फिल्म किसी संवेदनशील सामाजिक विषय को छूती है, तो उसे जिम्मेदारी के साथ प्रस्तुत किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में बॉडी शेमिंग जैसी समस्याएं आज भी मौजूद हैं।
यदि फिल्म इन मुद्दों को सामने लाती है और दर्शकों को अपनी सोच पर विचार करने के लिए प्रेरित करती है, तो यह एक सकारात्मक पहल हो सकती है। उनके अनुसार, कभी-कभी कला समाज का आईना बनती है और दर्शकों को यह दिखाती है कि उनके व्यवहार का दूसरों पर क्या प्रभाव पड़ता है।
बॉडी शेमिंग केवल वजन तक सीमित नहीं
अंजलि आनंद ने इस बात पर भी जोर दिया कि बॉडी शेमिंग केवल किसी के मोटापे या वजन का मजाक उड़ाने तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि समाज में लोगों को उनके दुबलेपन, त्वचा के रंग, बालों की स्थिति, चेहरे की बनावट, कपड़ों, फैशन और यहां तक कि उनके द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले ब्रांड्स के आधार पर भी जज किया जाता है। यह प्रवृत्ति लोगों के आत्मविश्वास और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।
उनका मानना है कि प्रत्येक व्यक्ति को उसकी व्यक्तिगत पहचान और क्षमताओं के आधार पर सम्मान मिलना चाहिए, न कि उसके बाहरी स्वरूप के आधार पर।










