जयपुर में पत्नी को सुसाइड के लिए उकसाने के मामले में XEN पति गौतम मीणा को पुलिस ने हिरासत में लिया है। CCTV फुटेज में मारपीट और थूकने की घटना सामने आई है, जबकि बच्चों ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं।
जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में अनु मीणा सुसाइड केस ने नया मोड़ ले लिया है। मामले में आरोपी पति और पीडब्ल्यूडी विभाग में कार्यरत XEN गौतम मीणा को पुलिस ने हिरासत में लिया है। मानसरोवर थाना पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई के बाद उनसे गहन पूछताछ जारी है और जल्द ही औपचारिक गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।
यह मामला अप्रैल महीने में सामने आया था, जब अनु मीणा (36) ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। अब इस केस में सामने आए CCTV फुटेज, बच्चों के बयान और परिजनों के आरोपों ने जांच को और गंभीर बना दिया है।
CCTV फुटेज में मारपीट और कथित दुर्व्यवहार के आरोप
जांच के दौरान सामने आए CCTV फुटेज को मामले का सबसे अहम सबूत माना जा रहा है। फुटेज में आरोपी पति गौतम मीणा को अपनी पत्नी के साथ कथित रूप से मारपीट करते और अभद्र व्यवहार करते हुए देखा गया है।
इन वीडियो क्लिप्स के सामने आने के बाद पुलिस ने जांच की दिशा और तेज कर दी है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि सभी डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि उनकी प्रामाणिकता की पुष्टि की जा सके।
बच्चों के बयान से बढ़ी आरोपी की मुश्किलें
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब दंपति के दोनों बच्चों ने अपने बयान दर्ज कराए। बच्चों ने अपने बयान में कथित तौर पर पिता गौतम मीणा पर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं।
![]()
सूत्रों के अनुसार, बच्चों ने यह भी बताया कि घर में अक्सर विवाद की स्थिति रहती थी और कई बार स्थिति हिंसक हो जाती थी। पुलिस इन बयानों को मामले की जांच में महत्वपूर्ण आधार मानकर आगे की कार्रवाई कर रही है।
अफेयर और मानसिक प्रताड़ना के आरोप
मृतका अनु मीणा के परिजनों ने आरोप लगाया है कि आरोपी पति का एक घरेलू कर्मचारी के साथ कथित संबंध था, जिसके कारण परिवार में तनाव और बढ़ गया था।
परिजनों का यह भी कहना है कि अनु मीणा को लंबे समय से मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। इन आरोपों के आधार पर पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या यह मामला आत्महत्या के लिए उकसाने (abetment to suicide) की श्रेणी में आता है या नहीं।
सुसाइड केस और पुलिस की प्रारंभिक जांच
अनु मीणा ने 17 अप्रैल को जयपुर के मुहाना थाना क्षेत्र स्थित बालाजी विहार में अपने घर में कथित रूप से आत्महत्या की थी। घटना के बाद परिवार ने पति गौतम मीणा पर गंभीर आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करवाई थी।
पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में यह मामला घरेलू विवाद और मानसिक तनाव से जुड़ा हुआ प्रतीत हुआ था, लेकिन बाद में सामने आए साक्ष्यों ने जांच को नया मोड़ दे दिया।
आरोपी पक्ष का बयान और सफाई
आरोपी गौतम मीणा ने अपने बचाव में कहा है कि उन्होंने अपनी पत्नी को कभी आर्थिक रूप से परेशान नहीं किया। उनके अनुसार, परिवार की अधिकांश संपत्ति पत्नी के नाम पर थी और किसी भी तरह की प्रताड़ना के आरोप गलत हैं।
उन्होंने यह भी दावा किया है कि घटना के दिन उनकी पत्नी से उनकी बातचीत हुई थी और परिस्थितियों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है। हालांकि, पुलिस इन दावों की स्वतंत्र जांच कर रही है।
प्रशासनिक पद और संवेदनशीलता को लेकर चर्चा
आरोपी गौतम मीणा के पीडब्ल्यूडी विभाग में XEN पद पर कार्यरत होने के कारण यह मामला और भी संवेदनशील बन गया है। प्रशासनिक हलकों में भी इस केस को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पद या प्रभाव को देखते हुए जांच में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी और सभी साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।
डिजिटल साक्ष्य और फॉरेंसिक जांच
पुलिस अब मामले में मिले CCTV फुटेज, मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच करवा रही है। विशेषज्ञों की टीम यह सुनिश्चित करेगी कि वीडियो और रिकॉर्डिंग में किसी तरह की छेड़छाड़ तो नहीं हुई है।
इसके साथ ही कॉल डिटेल्स और चैट रिकॉर्ड्स की भी जांच की जा रही है ताकि घटना से पहले की परिस्थितियों को बेहतर तरीके से समझा जा सके।
सामाजिक और कानूनी दृष्टिकोण से मामला गंभीर
यह मामला सिर्फ एक घरेलू विवाद तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि अब यह घरेलू हिंसा, मानसिक प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने जैसे गंभीर कानूनी पहलुओं से जुड़ गया है।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यदि आरोप साबित होते हैं तो आरोपी पर सख्त धाराओं के तहत कार्रवाई हो सकती है।









