धर्मशाला में अनुराग ठाकुर ने हिमाचल सरकार पर कर बढ़ाने, पेंशनर्स के बकाया भुगतान में देरी और करीब 1.10 लाख करोड़ रुपये के कर्ज को लेकर निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर भी हमला बोला।
धर्मशाला: भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर वित्तीय प्रबंधन और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए। पूर्व कर्मचारी प्रकोष्ठ सम्मेलन में उन्होंने राहुल गांधी और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार के करीबी लोगों पर खजाना लुटाया जा रहा है, जबकि पेंशनर्स के डीए और एरियर जैसे भुगतान लंबित हैं।
राहुल गांधी और सुक्खू पर अनुराग का हमला
धर्मशाला में भाजपा के पूर्व कर्मचारी प्रकोष्ठ के जिला सम्मेलन को संबोधित करते हुए अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राहुल गांधी को ‘रील’ बनाने वाला नेता बताते हुए कहा कि वह ‘रियल’ नेता नहीं हैं।

अनुराग ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने जनता से कई वादे किए, लेकिन उन्हें पूरा नहीं किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार की नीतियों के खिलाफ पार्टी को राजनीतिक जवाब दिया जाएगा।
पेंशनर्स के बकाया भुगतान का मुद्दा उठाया
भाजपा सांसद ने हिमाचल के पेंशनर्स के लंबित वित्तीय लाभों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि पेंशनर्स को 15 प्रतिशत डीए, वर्ष 2016 के वित्तीय लाभ और अन्य एरियर का भुगतान अभी लंबित है।
उन्होंने कहा कि पूर्व कर्मचारी लंबे समय तक प्रदेश और देश की सेवा कर चुके हैं। पेंशन को खैरात नहीं बल्कि उनका अधिकार और सम्मान बताते हुए उन्होंने सरकार से लंबित लाभ जारी करने की मांग की।
चेयरमैन के मानदेय को लेकर सरकार पर सवाल
अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि प्रदेश में चेयरमैन का मानदेय 35 हजार रुपये से बढ़ाकर 1.35 लाख रुपये कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार के करीबी लोगों को सुविधाएं मिल रही हैं, जबकि कर्मचारी और पेंशनर्स अपने वित्तीय लाभ के लिए इंतजार कर रहे हैं।
उन्होंने सरकार पर कर और उपकर बढ़ाने का भी आरोप लगाया। तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि भविष्य में सरकार राहुल, प्रियंका और सोनिया के नाम पर भी सेस लगा सकती है।
हिमाचल पर कर्ज को लेकर भी निशाना
अनुराग ठाकुर ने दावा किया कि हिमाचल प्रदेश पर करीब 1.10 लाख करोड़ रुपये का कर्ज हो चुका है। उन्होंने सरकार के कामकाज और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए मजबूत और प्रभावी नेतृत्व की जरूरत है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई अधिकारी दिल्ली प्रतिनियुक्ति पर चले गए हैं और सरकार के मंत्री प्रभावी तरीके से काम नहीं कर पा रहे हैं।
आठवें वित्त आयोग का लाभ दिलाने का दावा
पेंशनर्स को संबोधित करते हुए अनुराग ठाकुर ने केंद्र सरकार की ओर से लागू की गई पेंशन संबंधी व्यवस्थाओं का उल्लेख किया। उन्होंने वन रैंक, वन पेंशन, पेंशन अदालत और डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जैसी सुविधाओं को गिनाया।
उन्होंने कहा कि सातवां वित्त आयोग लागू किया गया है और पेंशनर्स को आठवें वित्त आयोग के लाभ भी दिलाए जाएंगे। इसके साथ बुजुर्गों के लिए पांच लाख रुपये तक के मुफ्त उपचार और न्यूनतम पेंशन जैसी सुविधाओं का भी उन्होंने उल्लेख किया।












