अरुणाचल प्रदेश के आलो में वेस्ट सियांग पुलिस ने नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 2.38 ग्राम संदिग्ध हेरोइन जब्त की। पुलिस ने मौके से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर सप्लाई नेटवर्क की जांच जारी है।
सियांग: अरुणाचल प्रदेश के वेस्ट सियांग जिले में पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी और बिक्री के खिलाफ अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। आलो शहर में एंटी-ड्रग स्क्वॉड (ADS) ने एक किराए के मकान पर छापा मारकर 2.38 ग्राम संदिग्ध हेरोइन बरामद की और एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, जब्त पदार्थ दो अलग-अलग कंटेनरों में रखा गया था।
यह कार्रवाई 28 अगस्त की शाम करीब 6 बजे अपर कॉलोनी स्थित एक किराए के आवास में की गई। पुलिस को यहां नशीले पदार्थों से जुड़ी गतिविधि की विश्वसनीय सूचना मिली थी, जिसके आधार पर टीम ने तलाशी अभियान चलाया।
पुलिस ने इस मामले में NDPS एक्ट, 1985 के तहत केस दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान टाकू डोले के रूप में हुई है। पुलिस अब कथित ड्रग सप्लाई नेटवर्क की कड़ियों का पता लगाने और इस गतिविधि में शामिल अन्य संभावित लोगों की पहचान करने में जुटी है।
गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने की कार्रवाई
वेस्ट सियांग पुलिस के एंटी-ड्रग स्क्वॉड को आलो के अपर कॉलोनी इलाके में नशीले पदार्थों से संबंधित गतिविधि की जानकारी मिली थी। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने निर्धारित स्थान पर कार्रवाई की।
अधिकारियों के अनुसार, छापेमारी 28 अगस्त को शाम लगभग 6 बजे की गई। टीम ने किराए के मकान की तलाशी ली, जहां से संदिग्ध हेरोइन बरामद होने का दावा किया गया है।
पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा बताया गया है। अधिकारियों का कहना है कि ड्रग्स की बिक्री और आपूर्ति से जुड़े मामलों में कानून के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
दो कंटेनरों में मिला संदिग्ध पदार्थ
तलाशी के दौरान पुलिस ने दो कंटेनरों से कुल 2.38 ग्राम संदिग्ध हेरोइन बरामद की। पुलिस के अनुसार, एक कंटेनर का वजन पैकेजिंग सहित 0.95 ग्राम और दूसरे का 1.43 ग्राम था।
इसके अलावा मौके से एक खाली शीशी, इस्तेमाल की गई सिरिंज और एक मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। पुलिस इन सामानों को जांच का हिस्सा बना रही है। बरामद पदार्थ को फिलहाल पुलिस ने संदिग्ध हेरोइन बताया है और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत इसकी जांच की जाएगी।
बरामदगी की मात्रा भले ही कम हो, लेकिन पुलिस जांच का फोकस केवल जब्त पदार्थ तक सीमित नहीं है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि कथित तौर पर यह पदार्थ कहां से आया और इसके पीछे कोई बड़ा आपूर्ति नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में चला अभियान
कार्रवाई का नेतृत्व आलो पुलिस स्टेशन के प्रभारी निरीक्षक यॉमकेन रिराम और एंटी-ड्रग स्क्वॉड के सब-इंस्पेक्टर मंथन चिथान ने किया। अभियान की निगरानी डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस यानी DySP मुख्यालय टाबा बिरोय ने की।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच समन्वय के साथ तलाशी और जब्ती की प्रक्रिया पूरी की गई। अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई को निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप अंजाम दिया गया।
मजिस्ट्रेट और स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में तलाशी
पुलिस के अनुसार, तलाशी और जब्ती की प्रक्रिया अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट-सह-कार्यकारी मजिस्ट्रेट माबी ताइपोडिया जिनी की मौजूदगी में की गई। इस दौरान स्वतंत्र गवाह भी मौजूद थे।
पूरी कार्रवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई और रिकॉर्ड को ई-साक्ष्य पोर्टल पर अपलोड किया गया। डिजिटल रिकॉर्डिंग और स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी जैसी प्रक्रियाएं जांच के दौरान जब्ती की कार्रवाई को दस्तावेजी रूप देने में महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।
पुलिस ने बताया कि मामले से जुड़े सबूतों और दस्तावेजों को नियमानुसार सुरक्षित रखा जा रहा है, ताकि आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया में उनका इस्तेमाल किया जा सके।
NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज
इस कार्रवाई के बाद आलो पुलिस स्टेशन में केस नंबर 36/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी टाकू डोले के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस रिमांड की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा। फिलहाल पुलिस मामले में उपलब्ध सबूतों और पूछताछ के आधार पर आगे की जांच कर रही है।
सप्लाई चेन तक पहुंचने की कोशिश
वेस्ट सियांग पुलिस की जांच का अगला महत्वपूर्ण लक्ष्य कथित नशीले पदार्थों की सप्लाई चेन का पता लगाना है। अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि बरामद संदिग्ध हेरोइन आरोपी तक कैसे पहुंची और क्या इसके पीछे अन्य लोग भी शामिल हैं।
जांच एजेंसियां मोबाइल फोन समेत जब्त किए गए सामान की भी जांच कर सकती हैं। इसका उद्देश्य संभावित संपर्कों, आपूर्ति के स्रोत और नशीले पदार्थों से जुड़े अन्य नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाना है।
पुलिस ने संकेत दिया है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर अन्य संदिग्धों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
वेस्ट सियांग पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति
पुलिस ने नशीले पदार्थों के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति दोहराई है। अधिकारियों के मुताबिक, जिले में ड्रग्स की बिक्री, तस्करी और आपूर्ति से जुड़े मामलों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
पुलिस का कहना है कि नशीले पदार्थों से जुड़ी गतिविधियों को रोकने के लिए केवल कानून प्रवर्तन एजेंसियों की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। इसके लिए स्थानीय लोगों का सहयोग भी जरूरी है।
इसी वजह से पुलिस ने आम नागरिकों से अपने आसपास होने वाली संदिग्ध नशीली गतिविधियों की जानकारी साझा करने की अपील की है।
सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखने का भरोसा
वेस्ट सियांग पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर उन्हें ड्रग्स की बिक्री या तस्करी से संबंधित कोई जानकारी मिलती है तो वे पुलिस को इसकी सूचना दें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
स्थानीय स्तर पर लोगों की भागीदारी नशीले पदार्थों के नेटवर्क की पहचान करने में मदद कर सकती है। पुलिस के मुताबिक, समय पर मिली सूचना के आधार पर संदिग्ध गतिविधियों पर कार्रवाई करना आसान होता है।
आलो में हुई यह कार्रवाई इसी व्यापक अभियान का हिस्सा है। हालांकि बरामदगी की मात्रा सीमित है, लेकिन पुलिस की जांच अब कथित सप्लाई नेटवर्क और संभावित सहयोगियों तक पहुंचने पर केंद्रित है।
ड्रग्स के खिलाफ अभियान में आगे की कार्रवाई पर नजर
वेस्ट सियांग पुलिस की कार्रवाई ने एक बार फिर अरुणाचल प्रदेश में नशीले पदार्थों की समस्या से निपटने के लिए चल रहे अभियानों को सामने रखा है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है, जबकि जांच अभी जारी है।
अब जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि बरामद संदिग्ध पदार्थ का स्रोत क्या था और क्या इस मामले के तार किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े हैं। पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और सबूतों के आधार पर की जाएगी।
फिलहाल आरोपी न्यायिक हिरासत में है और मामले की जांच वेस्ट सियांग पुलिस द्वारा आगे बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों ने साफ किया है कि जिले में ड्रग्स से जुड़ी गतिविधियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।









