अरुणाचल प्रदेश में हेरोइन के साथ म्यांमार के दो नागरिक गिरफ्तार, 130.9 ग्राम ड्रग्स जब्त

अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग में पुलिस और 21 असम राइफल्स ने संयुक्त कार्रवाई कर 130.9 ग्राम संदिग्ध हेरोइन के साथ म्यांमार के दो नागरिकों को गिरफ्तार किया।

अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग में पुलिस और 21 असम राइफल्स ने संयुक्त अभियान में म्यांमार के दो नागरिकों को गिरफ्तार किया। उनके पास से 130.9 ग्राम संदिग्ध हेरोइन 10 साबुन की डिब्बियों में बरामद हुई। NDPS Act के तहत केस दर्ज किया गया।

चांगलांग: अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिले में भारत-म्यांमार सीमा के पास नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। चांगलांग जिला पुलिस और 21 असम राइफल्स की संयुक्त टीम ने एक अभियान के दौरान म्यांमार के दो नागरिकों को कथित तौर पर हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया है। सुरक्षा बलों ने आरोपियों के कब्जे से कुल 130.9 ग्राम संदिग्ध हेरोइन बरामद की है। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई एक विशेष खुफिया सूचना के आधार पर की गई थी। बरामद पदार्थ को 10 साबुन की डिब्बियों में छिपाकर रखा गया था। फिलहाल दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि नशीला पदार्थ कहां से आया था और इसे आगे कहां पहुंचाया जाना था।

खुफिया सूचना के आधार पर चलाया गया अभियान

पुलिस के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों को चांगलांग जिले के सीमावर्ती इलाके में मादक पदार्थों की संदिग्ध आवाजाही से जुड़ी जानकारी मिली थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए चांगलांग जिला पुलिस और 21 असम राइफल्स ने संयुक्त अभियान की योजना बनाई।

इसके बाद टीम ने नम्पोंग थाना क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की। जांच और निगरानी के दौरान दो संदिग्ध व्यक्तियों को रोका गया। तलाशी लेने पर उनके पास से 130.9 ग्राम संदिग्ध मादक पदार्थ बरामद हुआ।

प्रारंभिक जांच में बरामद पदार्थ को हेरोइन होने का संदेह जताया गया है। हालांकि, इसकी अंतिम पुष्टि संबंधित जांच प्रक्रिया और फोरेंसिक परीक्षण के बाद ही होगी।

10 साबुन की डिब्बियों में छिपाकर रखा था पदार्थ

सुरक्षा टीम को बरामद संदिग्ध नशीला पदार्थ 10 साबुन की डिब्बियों में पैक मिला। तस्करी के मामलों में नशीले पदार्थों को छिपाने के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है। इस मामले में भी आरोपियों ने कथित तौर पर पदार्थ को सामान्य घरेलू सामान के बीच छिपाने की कोशिश की।

पुलिस ने बरामद सामग्री को जब्त कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, जब्त पदार्थ की अनुमानित कीमत का आकलन किया जा रहा है।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इतनी मात्रा में संदिग्ध हेरोइन आरोपियों तक कैसे पहुंची और इसके पीछे कौन लोग काम कर रहे थे।

NDPS Act के तहत मामला दर्ज

इस मामले में नम्पोंग पुलिस स्टेशन में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेज यानी NDPS Act की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।

मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार से जुड़े मामलों में NDPS Act के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। पुलिस अब गिरफ्तारी के बाद आरोपियों से पूछताछ कर मामले की पूरी कड़ी जोड़ने का प्रयास कर रही है।

जांच का मुख्य उद्देश्य सिर्फ बरामदगी और गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस कथित तस्करी के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है या नहीं।

दोनों आरोपी पुलिस हिरासत में

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी फिलहाल हिरासत में हैं। उनसे पूछताछ की जा रही है ताकि संदिग्ध मादक पदार्थ के स्रोत और इसके संभावित खरीदारों या आपूर्तिकर्ताओं के बारे में जानकारी हासिल की जा सके।

जांच अधिकारी आरोपियों के संभावित संपर्कों और आवाजाही की भी पड़ताल कर रहे हैं। इसके अलावा यह जानने की कोशिश की जा रही है कि क्या दोनों आरोपी पहले भी किसी नशीले पदार्थ की तस्करी से जुड़े रहे हैं।

अधिकारियों को आशंका है कि सीमा क्षेत्र में सक्रिय तस्करी नेटवर्क के जरिए मादक पदार्थों की आवाजाही की जा सकती है। इसी वजह से पूछताछ में सामने आने वाली हर जानकारी को जांच की अगली कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।

भारत-म्यांमार सीमा पर सुरक्षा चुनौती

अरुणाचल प्रदेश का चांगलांग जिला भारत-म्यांमार सीमा के करीब स्थित है। भौगोलिक परिस्थितियों और सीमावर्ती इलाकों में मौजूद कई संवेदनशील मार्गों के कारण सुरक्षा एजेंसियों के लिए अवैध गतिविधियों पर नजर रखना महत्वपूर्ण चुनौती है।

मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल समय-समय पर संयुक्त अभियान चलाते हैं। खुफिया सूचनाओं के आधार पर संदिग्ध वाहनों, व्यक्तियों और संभावित तस्करी मार्गों की निगरानी की जाती है।

हालिया कार्रवाई भी इसी तरह की संयुक्त सुरक्षा रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। पुलिस और असम राइफल्स की संयुक्त टीम ने संदिग्धों को रोककर तलाशी ली और कथित तौर पर बड़ी मात्रा में नशीला पदार्थ बरामद किया।

तस्करी नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश

अधिकारियों के लिए इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि बरामद संदिग्ध हेरोइन का स्रोत क्या था। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि मादक पदार्थ को भारत में लाया गया था या सीमा क्षेत्र में ही किसी नेटवर्क के जरिए इसकी व्यवस्था की गई।

पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ के जरिए कथित नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। जांच में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।

जांच एजेंसियां आरोपियों के संपर्कों, संभावित यात्रा मार्गों और उनसे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल कर सकती हैं। इसका उद्देश्य पूरे तस्करी तंत्र की पहचान करना है, न कि केवल बरामदगी के मामले को दर्ज कर कार्रवाई समाप्त करना।

ड्रग्स की कीमत का आकलन जारी

पुलिस ने बताया कि 130.9 ग्राम संदिग्ध हेरोइन की अनुमानित कीमत अभी तय की जा रही है। नशीले पदार्थ की कीमत उसके प्रकार, शुद्धता और अवैध बाजार में प्रचलित दरों के आधार पर अलग-अलग हो सकती है।

इसलिए बरामद पदार्थ की वास्तविक कीमत का आकलन संबंधित जांच प्रक्रिया के बाद किया जाएगा। फिलहाल पुलिस ने इसकी पहचान संदिग्ध हेरोइन के रूप में की है।

फोरेंसिक जांच के परिणाम मामले में आगे की कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं। जांच पूरी होने के बाद ही बरामद पदार्थ की प्रकृति और उससे जुड़े अन्य तथ्यों पर अधिक स्पष्टता आएगी।

सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता बढ़ी

सीमा क्षेत्र में मादक पदार्थों की बरामदगी के बाद सुरक्षा एजेंसियां आसपास के इलाकों में भी निगरानी बढ़ा सकती हैं। अधिकारियों का प्रयास है कि ऐसे नेटवर्क को सीमा पार से लेकर स्थानीय स्तर तक ट्रैक किया जाए।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और बरामदगी के पीछे सक्रिय कथित नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। दोनों आरोपियों से पूछताछ के दौरान मिलने वाली जानकारी के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब पूर्वोत्तर भारत के सीमावर्ती इलाकों में नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकना सुरक्षा एजेंसियों की प्राथमिकताओं में शामिल है। चांगलांग में हुई यह संयुक्त कार्रवाई पुलिस और असम राइफल्स के बीच समन्वय के महत्व को भी दर्शाती है।

आगे की जांच पर टिकी नजर

फिलहाल दोनों आरोपी हिरासत में हैं और उनके खिलाफ NDPS Act के तहत कानूनी प्रक्रिया जारी है। पुलिस बरामद संदिग्ध हेरोइन के स्रोत, संभावित गंतव्य और इसके पीछे मौजूद लोगों का पता लगाने में जुटी है।

जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दोनों आरोपी किसी बड़े अंतरराज्यीय या सीमा पार तस्करी नेटवर्क का हिस्सा थे या नहीं। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां मामले की हर कड़ी की जांच कर रही हैं और संभावित आगे-पीछे के संपर्कों का पता लगाने पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।

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