इंचियोन एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीत चुकी भारतीय हैमर थ्रोअर मंजू बाला पर अब एंटी-डोपिंग अनुशासन पैनल (ADDP) ने पांच साल का प्रतिबंध लगा दिया है।
स्पोर्ट्स न्यूज़: भारत की हैमर थ्रो (तार गोला फेंक) खिलाड़ी और एशियन गेम्स ब्रॉन्ज मेडलिस्ट मंजू बाला पर डोपिंग के गंभीर मामले में 5 साल का प्रतिबंध लगाया गया है। एंटी-डोपिंग अनुशासन पैनल (Anti-Doping Disciplinary Panel - ADDP) ने उन्हें प्रतिबंधित पदार्थों के सेवन का दोषी पाया है। मंजू पर यह निलंबन 10 जुलाई 2024 से लागू होगा और 9 जुलाई 2029 तक प्रभावी रहेगा। यह फैसला एंटी-डोपिंग पैनल ने 15 अक्टूबर 2024 को सुनाया। यह मामला भारतीय खेल जगत में फिर से डोपिंग के बढ़ते मामलों पर सवाल खड़े करता है।
कौन हैं मंजू बाला?
मंजू बाला भारतीय एथलेटिक्स की जानी-मानी हैमर थ्रोअर हैं, जिन्होंने 2014 के इंचियोन एशियन गेम्स में भारत के लिए कांस्य पदक (Bronze Medal) जीता था। इसके बाद वे 2022 के हांगझोउ एशियन गेम्स में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। राजस्थान के छोटे से गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने वाली मंजू ने भारत में महिला एथलीटों के लिए एक मिसाल कायम की थी। लेकिन अब उनका नाम डोपिंग विवादों में फंस गया है।
कौन-से पदार्थों के लिए पॉज़िटिव पाई गईं मंजू बाला?

राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग एजेंसी (NADA) के अनुसार, मंजू बाला के सैंपल में दो प्रतिबंधित पदार्थ (Banned Substances) पाए गए:
- Dehydrochloromethyl-testosterone — एक एनाबॉलिक स्टेरॉयड जो मांसपेशियों की ताकत और रिकवरी बढ़ाने के लिए अवैध रूप से इस्तेमाल किया जाता है।
- SARMS LGD-4033 (Ligandrol) — एक प्रदर्शन बढ़ाने वाला तत्व जो WADA (World Anti-Doping Agency) द्वारा पूरी तरह प्रतिबंधित है।
इन दोनों पदार्थों का सेवन एथलेटिक्स में सख्ती से मना है क्योंकि यह प्राकृतिक प्रदर्शन क्षमता को अप्राकृतिक रूप से बढ़ाते हैं। NADA ने पिछले साल सितंबर 2024 में मंजू के टेस्ट रिजल्ट को सार्वजनिक किया था, जिसके बाद जांच प्रक्रिया शुरू हुई। अंततः अक्टूबर में पैनल ने उन्हें दोषी करार देते हुए 5 साल का बैन सुनाया।
मंजू बाला अकेली खिलाड़ी नहीं हैं जो हाल ही में डोपिंग के जाल में फंसी हैं। NADA की रिपोर्ट के मुताबिक, कई और भारतीय एथलीट्स को भी डोपिंग उल्लंघन के चलते निलंबित किया गया है।
निलंबित खिलाड़ियों की सूची
- मोहन सैनी (एथलीट) – 4 साल का बैन (14 अक्टूबर 2025 से प्रभावी)
- गोपाला कृष्णन, अमित कुमार और राजवर्धन संजय वास्कर (बॉडीबिल्डर) – 6-6 साल का प्रतिबंध
- शुभम महारा (बॉडीबिल्डर) – 4 साल का बैन
- सुमित (बॉक्सर) – 2 साल का बैन
- नितिन वर्मा (कैनोइस्ट) – 4 साल का बैन
- शिवेंद्र पांडे (बास्केटबॉल खिलाड़ी) – 6 साल का बैन
इसके अलावा, स्प्रिंटर हिमानी चंदेल पर पहले से लगे चार साल के बैन को भी एंटी-डोपिंग अपील पैनल ने सही ठहराया है। राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग एजेंसी (NADA) पिछले कुछ वर्षों से भारतीय खेलों में पारदर्शिता और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठा रही है।












