भारतीय जनता पार्टी (BJP) आज भारत में सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बन चुकी है। 2014 से केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकार है और देश के 20 से अधिक राज्यों में पार्टी और उसके सहयोगी सत्तारूढ़ हैं।
नई दिल्ली: Bharatiya Janata Party आज के समय में सदस्यों के मामले में विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी मानी जाती है। 2014 से केंद्र में National Democratic Alliance के नेतृत्व में भाजपा की सरकार है। इसके अलावा, देश के 20 से अधिक राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में भी भाजपा और उसके सहयोगी दल सत्ता में हैं।
6 अप्रैल की तारीख भाजपा के लिए बेहद खास है, क्योंकि इसी दिन 1980 में पार्टी की स्थापना हुई थी। भाजपा के इतिहास में यह दिन उनकी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत का प्रतीक है।
जनसंघ से जुड़ा भाजपा का इतिहास
भारतीय जनता पार्टी की जड़ें भारतीय जनसंघ में हैं, जिसकी स्थापना 1951 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने की थी। जनसंघ को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का वैचारिक समर्थन प्राप्त था। यह पार्टी राष्ट्रवादी विचारधारा और हिंदुत्व आधारित राजनीति के लिए जानी जाती थी। 1975 से 1977 तक भारत में लागू इमरजेंसी के बाद, कई विपक्षी दलों ने मिलकर जनता पार्टी बनाई और सत्ता में आई। इस दौरान जनसंघ के नेता राष्ट्रीय राजनीति में अपनी पहचान बनाने में सफल हुए।
भाजपा की स्थापना: कब और क्यों
जनता पार्टी के भीतर मतभेद और विचारधाराओं के अंतर के कारण 1980 में भारतीय जनता पार्टी की स्थापना हुई। यह पार्टी मूल रूप से जनसंघ की विचारधारा और संगठनात्मक ढांचे को आगे बढ़ाने के लिए बनी थी।
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पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष: अटल बिहारी वाजपेयी
अटल बिहारी वाजपेयी ने 1980 में भाजपा की स्थापना के समय इसकी जिम्मेदारी संभाली। अपनी उदार छवि, प्रभावशाली वक्तृत्व कला और संतुलित नेतृत्व के कारण उन्होंने शुरुआती दौर में पार्टी को राष्ट्रीय पहचान दिलाई। भाजपा ने अपनी राजनीति में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, आर्थिक और सामाजिक नीतियों में राष्ट्रहित और लोकतांत्रिक मूल्यों को प्रमुखता दी।
1984 के लोकसभा चुनाव में, इंदिरा गांधी की हत्या के बाद कांग्रेस के प्रति देश में सहानुभूति की लहर थी। इस चुनाव में भाजपा को केवल 2 सीटें मिलीं। यह पार्टी के लिए बड़ा झटका था, लेकिन इससे उसका संघर्ष समाप्त नहीं हुआ।
राम जन्मभूमि आंदोलन और सियासी उभार
1989 के लोकसभा चुनाव में लाल कृष्ण आडवाणी के नेतृत्व में भाजपा ने राम जन्मभूमि आंदोलन को प्रमुख मुद्दा बनाया। इसके परिणामस्वरूप भाजपा ने 85 सीटें जीतीं। 1991 में लोकसभा चुनाव में पार्टी की सीटें बढ़कर 120 तक पहुंच गईं। 1996 में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री बने, लेकिन सरकार केवल 13 दिन चली।
1998 में फिर केंद्र में भाजपा नेतृत्व वाली सरकार बनी और 13 महीने चली। 1999 में चुनाव के बाद अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार पूरे 5 साल तक चली।









