अयोध्या रामजन्मभूमि परिसर की सुरक्षा में बाधा, 850 मीटर हिस्से में फिलहाल होगी फेंसिंग

अयोध्या रामजन्मभूमि परिसर में निजी जमीन के कारण 850 मीटर कंक्रीट दीवार का निर्माण अटका है। ट्रस्ट फिलहाल फेंसिंग कराएगा, 21 वॉच टावर भी बनेंगे।

अयोध्या में रामजन्मभूमि परिसर को सुरक्षित करने के लिए बनाई जा रही कंक्रीट की दीवार का काम निजी जमीन और मकानों के कारण अटका है। ट्रस्ट ने शेष 850 मीटर हिस्से में फिलहाल फेंसिंग कराने का फैसला किया है।

अयोध्या: राम मंदिर समेत पूरे रामजन्मभूमि परिसर की सुरक्षा मजबूत करने के लिए बनाई जा रही कंक्रीट की दीवार के निर्माण में निजी भूमि के कारण परेशानी आ रही है। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट शेष 850 मीटर हिस्से के लिए जमीन खरीदने या विनिमय करने की कोशिश कर रहा है। तब तक इस क्षेत्र में सुरक्षा के लिए फेंसिंग कराई जाएगी। परियोजना के तहत दीवार के साथ वॉच टावर भी बनाए जा रहे हैं।

निजी जमीन और मकानों के कारण 850 मीटर दीवार का निर्माण प्रभावित

अयोध्या में राम मंदिर सहित पूरे रामजन्मभूमि परिसर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए कंक्रीट की दीवार बनाई जा रही है। हालांकि, इस परियोजना के एक हिस्से में स्थानीय लोगों की निजी जमीन, मकान और दुकानें आने के कारण निर्माण कार्य पूरा करने में बाधा आ रही है।

श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पूरे परिसर को मजबूत दीवार से घेरने की योजना पर काम कर रहा है। करीब 100 एकड़ में फैले परिसर की सुरक्षा के लिए प्रस्तावित दीवार की कुल लंबाई 3,400 मीटर है। यह दीवार 400 मिलीमीटर मोटी और 16 फीट ऊंची बनाई जा रही है। परिसर के मध्य में लगभग 2.7 एकड़ क्षेत्र में राम मंदिर स्थित है।

परियोजना के तहत 2,550 मीटर हिस्से में दीवार निर्माण की योजना है, जबकि शेष 850 मीटर क्षेत्र में निजी संपत्तियां होने के कारण काम आगे बढ़ाने में मुश्किल आ रही है। ऐसे में ट्रस्ट जमीन मालिकों से बातचीत कर इस समस्या का समाधान निकालने की कोशिश कर रहा है।

फिलहाल फेंसिंग से सुरक्षित किया जाएगा शेष हिस्सा

दीवार निर्माण का जिम्मा केंद्र सरकार की कार्यदायी एजेंसी इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (EIL) को सौंपा गया है। एजेंसी ने पिछले वर्ष से काम शुरू किया था। परियोजना प्रबंधक दुर्गेश कुमार के मुताबिक, अब तक 1,850 मीटर लंबी दीवार का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 700 मीटर हिस्से में काम जारी है। इस हिस्से का निर्माण नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

शेष 850 मीटर क्षेत्र में फिलहाल कंक्रीट की दीवार नहीं बन पाएगी। इसलिए ट्रस्ट ने वहां फेंसिंग कराने का निर्णय लिया है। इस हिस्से में पहले से लोहे की ग्रिल और कंटीले तार लगाए गए हैं। अब सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फेंसिंग को और व्यवस्थित तरीके से तैयार किया जाएगा, ताकि परिसर की सुरक्षा में कोई कमी न रहे।

ट्रस्ट संबंधित भूमि मालिकों से जमीन खरीदने या आपसी सहमति से विनिमय करने के विकल्पों पर काम कर रहा है। यदि बातचीत सफल रहती है, तो अगले वर्ष शेष हिस्से में भी कंक्रीट की दीवार बनाने की योजना है।

दिसंबर तक तैयार होंगे 21 वॉच टावर

रामजन्मभूमि परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दीवार के आसपास वॉच टावर भी बनाए जा रहे हैं। परियोजना के तहत पहले 25 वॉच टावर बनाने की योजना थी, लेकिन अब इनकी संख्या घटाकर 21 कर दी गई है।

परियोजना से जुड़ी जानकारी के अनुसार, दो वॉच टावर नमूने के तौर पर तैयार किए जा चुके हैं। बाकी टावरों का निर्माण जारी है और इन्हें दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

कंक्रीट की दीवार, फेंसिंग और वॉच टावर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था के प्रमुख हिस्से हैं। निजी भूमि से जुड़ी समस्या का समाधान होने तक फेंसिंग के जरिए शेष क्षेत्र को सुरक्षित रखने की व्यवस्था की जाएगी। वहीं, ट्रस्ट की कोशिश है कि भूमि संबंधी बातचीत पूरी होने के बाद पूरे परिसर को निर्धारित सुरक्षा दीवार से घेरा जा सके।

Leave a comment