नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह नवंबर में भारत का दौरा कर सकते हैं, जिसे लेकर दोनों देशों के अधिकारियों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बालेन शाह नवंबर के तीसरे या चौथे सप्ताह में नई दिल्ली पहुंच सकते हैं।
Nepal PM India Visit: नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह नवंबर 2026 में भारत के दौरे पर आ सकते हैं। दोनों देशों के अधिकारी संभावित यात्रा की तैयारियों में जुटे हैं। हालांकि, अभी तक दौरे की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यात्रा नवंबर के तीसरे या चौथे सप्ताह में हो सकती है और इसके करीब तीन दिन चलने की संभावना है।
इस दौरान बालेन शाह की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता होने की उम्मीद है। बातचीत के एजेंडे में बुनियादी ढांचा, जलविद्युत परियोजनाएं, व्यापार, सीमा विवाद और प्राकृतिक आपदा के बाद पुनर्निर्माण के लिए भारत की सहायता जैसे अहम विषय शामिल हो सकते हैं।
बालेन शाह के भारत दौरे की तैयारियां तेज
नेपाल के प्रधानमंत्री बनने के बाद बालेन शाह का यह पहला द्विपक्षीय भारत दौरा होगा। इससे पहले वह संयुक्त राष्ट्र की बैठक में हिस्सा लेने के लिए न्यूयॉर्क गए थे। नेपाली मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि यात्रा की तारीख अभी तय नहीं हुई है, लेकिन तैयारियां आगे बढ़ रही हैं।
संभावित कार्यक्रम के तहत बालेन शाह नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार के अन्य वरिष्ठ मंत्रियों से मुलाकात कर सकते हैं। दोनों देशों के बीच विभिन्न परियोजनाओं को लेकर समझौतों और सहमति पत्रों (MoU) पर हस्ताक्षर होने की भी संभावना है। हालांकि, इन समझौतों और कार्यक्रमों की अंतिम सूची आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल के अनुसार, यात्रा उचित समय पर होगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों पक्ष उन परियोजनाओं की सूची पर भी काम कर रहे हैं, जिनका उद्घाटन या शिलान्यास प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान किया जा सकता है।
सीमा विवाद और व्यापार असंतुलन पर होगी चर्चा
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भारत और नेपाल के संबंध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण हैं। इसके बावजूद, दोनों देशों के बीच कुछ ऐसे मुद्दे हैं जिन पर लंबे समय से बातचीत की जरूरत बनी हुई है। संभावित बैठक में सीमा विवाद, नेपाल के लिए भारत के रास्ते हवाई मार्गों की उपलब्धता, व्यापार असंतुलन और पारगमन व्यवस्था जैसे विषय उठ सकते हैं।
नेपाल अपनी अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाने और व्यापार के लिए बेहतर विकल्प विकसित करने पर जोर देता रहा है। ऐसे में हवाई मार्गों और सीमा पार व्यापार से जुड़े मुद्दे दोनों देशों के आर्थिक संबंधों के लिए अहम होंगे। इसके अलावा पंचेश्वर बहुउद्देशीय परियोजना और अन्य जलविद्युत योजनाओं पर भी चर्चा होने की संभावना है।
सड़क, चेक पोस्ट और ऊर्जा परियोजनाओं पर फोकस
बालेन शाह की संभावित यात्रा के दौरान कई बुनियादी ढांचा परियोजनाएं प्रमुखता से सामने आ सकती हैं। इनमें कावरेपालानचोक जिले के पनौती में नेपाल पुलिस अकादमी, दारचुला में पुल, भैरहवा में एकीकृत चेक पोस्ट और महाकाली नदी पर बने मोटर योग्य पुल जैसी परियोजनाएं शामिल बताई गई हैं। इसके अलावा, दोनों देश दोधारा-चांदनी में एकीकृत चेक पोस्ट, लोअर अरुण जलविद्युत परियोजना और भारत के सिलीगुड़ी से नेपाल के झापा तक प्रस्तावित पेट्रोलियम पाइपलाइन से जुड़े काम आगे बढ़ाने पर विचार कर सकते हैं।
जलविद्युत क्षेत्र में वेस्ट सेती की 750 मेगावाट, फुकोट करनाली की 480 मेगावाट और सेती नदी-6 की 450 मेगावाट परियोजनाओं को भी संभावित एजेंडे में शामिल किए जाने की चर्चा है। भारतीय सरकारी कंपनी NHPC इन परियोजनाओं से जुड़ी हुई है। इनके अलावा कोसी नदी से संबंधित परियोजना, अयोध्या-जनकपुर रेलवे संपर्क और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में नेपाल की क्षमताओं को विकसित करने में भारत के सहयोग पर भी बात हो सकती है।
बाढ़ राहत और पुनर्निर्माण के लिए भारत से सहायता की उम्मीद
नेपाल के लिए प्राकृतिक आपदा के बाद पुनर्निर्माण भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 26 अगस्त को भोटेकोशी क्षेत्र में आई आपदा के बाद प्रभावित इलाकों में बहाली और पुनर्निर्माण के लिए नेपाल भारत से अनुदान और रियायती ऋण की मांग कर रहा है। नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले पहले ही भारत का दौरा कर इस विषय पर संभावित सहायता को लेकर चर्चा कर चुके हैं। प्रधानमंत्री स्तर की वार्ता में इस मुद्दे को आगे बढ़ाया जा सकता है। हालांकि, सहायता की राशि, स्वरूप और शर्तों को लेकर अभी किसी अंतिम समझौते की पुष्टि नहीं हुई है।








