बांकेबिहारी मंदिर में VIP दर्शन के नाम पर ठगी करने वालों पर कसेगा शिकंजा, 2.81 करोड़ रुपये का चढ़ावा मिला

वृंदावन के बांकेबिहारी मंदिर में VIP दर्शन के नाम पर ठगी करने वालों पर कार्रवाई होगी। मंदिर की 17 गोलकों से अब तक ₹2.81 करोड़ का चढ़ावा मिला।

वृंदावन के बांकेबिहारी मंदिर में VIP दर्शन के नाम पर श्रद्धालुओं से पैसे वसूलने वाले लपकों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। प्रबंधन समिति ने इस संबंध में प्रस्ताव रखा है। वहीं, मंदिर की 17 गोलकों से अब तक 2.81 करोड़ रुपये का चढ़ावा मिला है।

मथुरा: ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में VIP दर्शन कराने का झांसा देकर श्रद्धालुओं से धनवसूली करने वालों पर अब कार्रवाई की तैयारी है। मंदिर की उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति ने ऐसे लपकों की पहचान कर उनके खिलाफ कदम उठाने का निर्णय लिया है। समिति ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई के दायरे में मंदिर के सेवायतों और तीर्थ पुरोहितों को शामिल नहीं किया जाएगा। इस बीच, मंदिर की 17 गोलकों की गणना में अब तक 2.81 करोड़ रुपये का चढ़ावा प्राप्त हुआ है।

VIP दर्शन के नाम पर ठगी करने वालों की होगी पहचान

वृंदावन स्थित ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं को VIP दर्शन कराने का झांसा देकर पैसे वसूलने की शिकायतों पर प्रबंधन समिति ने गंभीरता दिखाई है। समिति अब ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रही है, जो दर्शन में जल्दी प्रवेश दिलाने के नाम पर भक्तों से धन लेते हैं।

समिति की 20वीं बैठक बुधवार शाम शहीद लक्ष्मण सिंह सभागार में हुई। बैठक की अध्यक्षता समिति अध्यक्ष अशोक कुमार ने की। इस दौरान दैनिक जागरण में 12 अक्टूबर को प्रकाशित खबर का उल्लेख करते हुए मंदिर में सक्रिय लपकों पर कार्रवाई का प्रस्ताव रखा गया।

बांकेबिहारी मंदिर में VIP दर्शन के नाम पर ठगी करने वालों पर कसेगा शिकंजा, 2.81 करोड़ रुपये का चढ़ावा मिला

समिति का उद्देश्य श्रद्धालुओं को ठगी से बचाना और मंदिर में दर्शन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाना है। ऐसे लोगों की पहचान किए जाने पर जोर दिया गया, जो VIP दर्शन के नाम पर भक्तों को भ्रमित करते हैं और उनसे पैसे वसूलते हैं।

बैठक में सेवायत सदस्यों ने कहा कि कार्रवाई करते समय मंदिर के सेवायतों और तीर्थ पुरोहितों को अलग रखा जाना चाहिए। उनका कहना था कि तीर्थ पुरोहित अपने यजमानों को विभिन्न मंदिरों में दर्शन करा सकते हैं। इस पर समिति ने सहमति जताई।

मंदिर की 17 गोलकों से निकले 2.81 करोड़ रुपये

बांकेबिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाई गई दानराशि की गणना भी जारी है। समिति अध्यक्ष के अनुसार, करीब सवा दो महीने बाद गोलकें खोली गई हैं। अब तक 17 गोलकों से कुल 2.81 करोड़ रुपये का चढ़ावा प्राप्त हुआ है। अभी 15 गोलकों की गणना की जानी बाकी है।

इससे पहले मई में तीन महीने के चढ़ावे की गणना के दौरान 4.90 करोड़ रुपये की राशि मिली थी। मौजूदा गणना पूरी होने के बाद मंदिर को प्राप्त कुल दानराशि की तस्वीर स्पष्ट होगी। समिति को इस बार चढ़ावे में बढ़ोतरी की उम्मीद है।

दान व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए मंदिर परिसर के अंदर और बाहर विभिन्न स्थानों पर ऑनलाइन दान के लिए बारकोड लगाने का भी निर्णय लिया गया है। इससे श्रद्धालु डिजिटल माध्यम से दान कर सकेंगे। मंदिर प्रबंधन की ओर से इस कदम को दान प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने की पहल के तौर पर देखा जा रहा है।

मंदिर की व्यवस्थाओं और अन्य मुद्दों पर भी चर्चा

बैठक में मंदिर परिसर और आसपास की सुविधाओं से जुड़े कई मुद्दे उठाए गए। मंदिर की गलियों में टूटे पत्थरों को बदलने और कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) फंड से सोलर लाइट लगवाने पर सहमति बनी। इन कदमों से श्रद्धालुओं की आवाजाही और रोशनी की व्यवस्था बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

श्रीजगन्नाथ रथयात्रा के दिन ठाकुर बांकेबिहारी के सामने चांदी का रथ और हंस सजावट से संबंधित मामले पर भी चर्चा हुई। इस विषय में जांच समिति गठित किए जाने को लेकर सेवायत सदस्य हिमांशु गोस्वामी ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चांदी का रथ और हंस सजाने की कोई परंपरा नहीं रही है। उनके अनुसार, फूलबंगला में सजाई जाने वाली झांकियां सेवायत अपने यजमानों के माध्यम से तैयार कराते हैं और वे मंदिर की संपत्ति नहीं हैं।

वहीं, सेवायत सदस्य रजत गोस्वामी ने मंदिर के बदले हुए नियमों पर चर्चा नहीं होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने भोगसेवा, दर्शन के समय में बढ़ोतरी और जगमोहन से श्रद्धालुओं के दर्शन पर प्रतिबंध जैसे विषयों पर चर्चा की मांग की। समिति अध्यक्ष ने इन मुद्दों पर बाद में चर्चा करने की बात कही।

फिलहाल, VIP दर्शन के नाम पर कथित धनवसूली करने वालों की पहचान और उनके खिलाफ कार्रवाई समिति की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। आगे की कार्रवाई किस तरह होगी, यह संबंधित लोगों की पहचान और समिति के निर्णयों पर निर्भर करेगा।

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