लखनऊ के बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय (BBAU) के 11वें दीक्षांत समारोह में शनिवार को पढ़ाई, उपलब्धियों और देश की रक्षा क्षमता से जुड़े कई मुद्दों की चर्चा हुई। समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम की ओर से युवाओं को लेकर दिया गया बयान भी चर्चा में रहा। उन्होंने कहा कि युवाओं को जीवन में दबाव लेने के बजाय चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। इसी दौरान लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल के निर्माण का जिक्र करते हुए शहर की बदलती पहचान की भी बात सामने आई।
BBAU का यह दीक्षांत समारोह तीन साल के अंतराल के बाद आयोजित हुआ। समारोह में 2023, 2024, 2025 और 2026 के विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। विश्वविद्यालय के मुताबिक, चार शैक्षणिक वर्षों के कुल 8,551 विद्यार्थियों को डिग्री दी जानी है। इसके अलावा 508 मेधावी विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया जा रहा है।
कार्यक्रम में डिप्टी सीएम ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज का युवा सिर्फ नौकरी पाने वाला नहीं, बल्कि देश की दिशा तय करने वाला वर्ग है। उन्होंने युवाओं को चुनौतियों से घबराने के बजाय उनका सामना करने और अपनी क्षमता साबित करने का संदेश दिया। उनके ‘टेंशन लेना नहीं, देना है’ वाले अंदाज ने कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थियों और अतिथियों का ध्यान खींचा।
उन्होंने लखनऊ की बदलती पहचान का जिक्र करते हुए कहा कि यह वह शहर है जिसे आमतौर पर अपनी तहजीब, मुस्कान और मेहमाननवाजी के लिए जाना जाता है, लेकिन अब इसी लखनऊ में देश की रक्षा जरूरतों से जुड़ी अत्याधुनिक तकनीक भी तैयार हो रही है। इसी संदर्भ में उन्होंने ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण का उल्लेख किया।
लखनऊ में ब्रह्मोस एयरोस्पेस से जुड़ी रक्षा उत्पादन गतिविधियां उत्तर प्रदेश के डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लखनऊ नोड का हिस्सा हैं। अक्टूबर 2025 में लखनऊ नोड में निर्मित ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल के पहले बैच को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फ्लैग ऑफ किया था।
दीक्षांत समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और महत्वपूर्ण बना दिया। राजनाथ सिंह BBAU के 11वें दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि हैं। विश्वविद्यालय की ओर से पहले ही बताया गया था कि समारोह में चार वर्षों के विद्यार्थियों को डिग्रियां और मेडल प्रदान किए जाएंगे।
इस बार दीक्षांत समारोह में महिला विद्यार्थियों का प्रदर्शन भी उल्लेखनीय रहा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, चार शैक्षणिक वर्षों में दिए जाने वाले 508 गोल्ड मेडल में से 342 महिला विद्यार्थियों के हिस्से में आए हैं। इससे विश्वविद्यालय में छात्राओं की शैक्षणिक उपलब्धियों का अंदाजा लगाया जा सकता है।
समारोह में केवल उपाधि वितरण ही नहीं हुआ, बल्कि विद्यार्थियों को आगे की जिंदगी के लिए प्रेरित भी किया गया। डिग्री मिलने के बाद छात्रों के सामने करियर, रोजगार, शोध, उद्यमिता और देश के विकास में योगदान देने की नई चुनौतियां होंगी। ऐसे में मंच से दिए गए संदेश में आत्मविश्वास और चुनौती स्वीकार करने पर जोर दिया गया।
BBAU में आयोजित यह समारोह विश्वविद्यालय के लिए इसलिए भी खास रहा क्योंकि तीन साल के अंतराल के बाद चार बैच के विद्यार्थियों को एक साथ दीक्षांत समारोह में शामिल होने का अवसर मिला। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, अभिभावक, शिक्षक और विश्वविद्यालय के अधिकारी मौजूद रहे।
दीक्षांत समारोह से पहले विश्वविद्यालय में फुल ड्रेस रिहर्सल भी कराई गई थी। इसमें विद्यार्थियों को मंच पर जाने, उपाधि और पदक प्राप्त करने तथा निर्धारित स्थान पर वापस आने की प्रक्रिया का अभ्यास कराया गया था। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अतिथियों, विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया था।
समारोह के दौरान लखनऊ और ब्रह्मोस का जिक्र खास तौर पर इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि उत्तर प्रदेश में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के जरिए रक्षा क्षेत्र में निवेश और उत्पादन को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है। लखनऊ में ब्रह्मोस से जुड़े उत्पादन ने शहर को आईटी, शिक्षा और प्रशासनिक पहचान के साथ रक्षा निर्माण के नक्शे पर भी मजबूती से स्थापित किया है।
डिप्टी सीएम के बयान का एक संदेश यह भी रहा कि युवाओं को अपने भविष्य को लेकर सिर्फ नौकरी तक सीमित नहीं रहना चाहिए। नई तकनीक, रक्षा उत्पादन, अनुसंधान और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में भी अवसर बढ़ रहे हैं। ऐसे में विश्वविद्यालयों से निकलने वाले विद्यार्थियों के लिए अपनी पढ़ाई और कौशल को देश की जरूरतों से जोड़ना जरूरी है।
BBAU के इस दीक्षांत समारोह में शिक्षा और रक्षा क्षेत्र का यह मेल खास नजर आया। एक तरफ हजारों विद्यार्थियों को उनकी वर्षों की मेहनत के बाद डिग्री मिली, वहीं दूसरी तरफ देश की रक्षा क्षमता और लखनऊ में हो रहे आधुनिक रक्षा उत्पादन की चर्चा हुई। राजनाथ सिंह की मौजूदगी और डिप्टी सीएम के बयान ने समारोह को राजनीतिक और राष्ट्रीय महत्व भी दिया।
कुल मिलाकर BBAU का 11वां दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के लिए उपलब्धि का दिन रहा। चार वर्षों के हजारों छात्रों को डिग्रियां दी गईं, मेधावी विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया और मंच से उन्हें आगे बढ़ने का संदेश दिया गया। इसी दौरान ‘मुस्कुराने वाले लखनऊ’ में ब्रह्मोस के निर्माण का जिक्र यह बताने के लिए किया गया कि शहर की पहचान अब तहजीब और शिक्षा के साथ आधुनिक रक्षा उत्पादन से भी जुड़ रही है।









